– महापरिनिर्वाण मन्दिर में हुई पूजा, रेस्टोरेंट-कैफे गुलजार
कुशीनगर(हि.स.)। मानसून के खुशगवार मौसम दो माह बाद बुधवार को प्रशासन ने बुद्धनगरी का पर्यटन खोला तो लोग विशेषकर बच्चों को मानो मुंहमांगी मुराद मिल गई। न केवल महापरिनिर्वाण मन्दिर का उद्यान बल्कि इन दिनों स्थानीय पर्यटकों के विशेष आकर्षक का केंद्र बने बुद्धाघाट पर चहल पहल बढ़ गई। सड़क किनारे स्थित रेस्टोरेंट व कैफे में लोग खान पान का लुत्फ उठाते देखे गए।
कोविड-19 प्रोटोकाल के चलते कुशीनगर के प्रमुख महापरिनिर्वाण मन्दिर समेत अन्य बौद्ध विहार, पार्क, उद्यान, बुद्धघाट आदि बन्द कर दिए गए थे। राज्य सरकार के आदेश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने बुधवार को मन्दिर समेत सभी धरोहर स्थलों को सभी आम लोगों के लिए खोल दिए गए।
महापरिनिर्वाण मन्दिर में सुबह पांच बौद्ध भिक्षुओं के पूजन अर्चन के बाद लोग बुद्ध की 5वीं सदी की प्रतिमा के दर्शन करना शुरू किए। दूसरी तरफ मन्दिर के विशाल उद्यान में बच्चों ने खूब धमाचौकड़ी मचाई। बुद्धाघाट पर बोटिंग के लिए पहुंचे लोग निराश हुए। सुबह यहां लोग योगा व व्यायाम के लिए भी जुटे। पर्यटन खुलने से स्थानीय विशेषकर खान पान से जुड़े दुकानदारों के चेहरों पर रौनक दिखी।
मनोज, अशोक, हीरालाल आदि ने बताया कि बस खर्च निकल रहा है। जब तक बाहर से लोग नहीं आयेंगे तब तक कारोबार पटरी पर नहीं आयेगा। “सभी धरोहर स्थलों व बौद्ध मॉनेस्ट्री में एक साथ पांच लोगों के प्रवेश की हिदायत दी गई है। दो दिवसीय साप्ताहिक बंदी शनिवार व रविवार को यहां भी लागू है। प्रोटोकाल की अवहेलना पर कार्रवाई की जायेगी।
