बस्ती (हि.स.)। जनपद में एक बार फिर ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। जहां वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बेलहरा में पिता ने अपनी बेटी का कत्ल कर दिया। घटना का खुलासा करते हुए पुलिस कप्तान हेमराज मीना ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त शिवगोविन्द अपने ही पुत्री अन्नु उम्र करीब 18 बर्ष की हत्या प्रेम प्रसंग के कारण साईकिल पर बैठाकर सुनसान स्थान पिपरा ताल पर ले जाकर कर दिया।।
पोस्टमार्टम में गला काटकर हत्या करने की बात प्रकाश में आयी तो हत्या का अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्त शिवगोविन्द को गिरफ्तार कर जेल रवाना किया जा रहा है।
पुलिस के सामने दिए बयान में अभियुक्त ने बताया कि 06 नवम्बर को शाम के करीब छह बजे जब मैं अपनी दुकान से घर पर आया तो देखा कि मेरी लड़की फोन पर किसी से बात कर रही है। मैंने पूछा तो उसने तुरन्त मोबाइल का सिम निकालकर मुंह में खा लिया। मैंने उसे बहुत समझाया लेकिन वह नहीं मानी फिर मैं अपनी दुकान पर चला आया।
बतायाकि मेरी लड़की गैर बिरादरी के लड़के से बातचीत करती थी तथा उससे छिप-छिप कर मिलती भी थी। मैं अपनी दुकान पर था तो मेरी पत्नी आकर बतायी कि लड़की ने घर के कमरे में ताला बन्द कर लिया है। आशंका है कि कुछ अनहोनी कर लेगी आप जल्दी चलिये। इस पर मैं अपनी दुकान से जल्दी-जल्दी घर पहुंचा तो देखा कि कमरे में मेरी लड़की ताला बन्द करके कुण्डी में फांसी लगाने का प्रयास कर रही थी। यह देखकर मैं खिड़की तोड़कर अन्दर गया और अपनी लड़की को समझाने बुझाने लगा, लेकिन वह मुझसे बार-बार कह रही थी कि पापा मैं अब बड़ी हो गयी हूँ मुझको मेरे अनुसार जीने दो, मैं जिससे प्रेम करती हूँ उसी के साथ रहूंगी।
बताया कि मनाने, समझाने, बुझाने में काफी समय लगा। वह बार-बार हमसे झगड़ जाती थी। मुझे भी गुस्सा आ गया। मैं कहा कि चलो तुमको उस लड़के से मिलाता हूँ। मैं अपनी साईकिल निकाला और अपने घर से अपनी लड़की को डराने के लिए गड़ासा भी कपड़े में लपेटकर ले लिया। मैं अपनी लड़की को साईकिल पर बैठाकर सुनसान स्थान पिपरा ताल के पास ले गया। धान का खेत कटा हुआ था। मैं अपनी लड़की को डरा रहा था कि तुम उस लड़के का साथ छोड़ दो, तुम्हारी शादी हम अपने बिरादरी में कर देंगे। तुम उस लडके के साथ रहोगी तो मेरा नाक कट जायेगा। हम समाज में मुँह दिखाने के लायक नहीं रहेंगे।
बताया कि मेरी लड़की मेरी बात नहीं मान रही थी। मैं अपनी लड़की को मारना नहीं चाहता था। डराने के लिए मैं गड़ासे से उसके गले पर दिखावटी रुप में कई बार प्रहार किया, लेकिन मेरी लड़की बिल्कुल नहीं मुझसे डर रही थी। वह जिद पकड़ ली कि पापा ‘मैं करुँगी अपनी ही वाली चाहें तुम्हारी नाक कटे या मेरा गला कटे। यह कहकर मेरे सामने ही खेत में लेट गयी और कहने लगी पापा या तो मुझे स्वतन्त्र होकर जीने दो या फिर मेरा गला ही काट दो। तो इस बात पर मुझे गुस्सा आ गया मैं गड़ासे से उसके गले पर जोर से प्रहार कर दिया, जिससे उसका गला कट गया वह तड़पड़ाने लगी। फिर मैं उस पर कई बार वार कर दिया। वह मर गयी। फिर मैं उसका एक पैर पकड़कर पानी में ले गया। 10 कदम चलने के बाद दोनों पैर पकड़ लिया अन्दर पानी में ले जाकर फेंक दिया तथा गड़ासे को ले जाकर अपने घर के बरजे पर रखा हूँ।
बताया कि जिस दिन लाश गांव वालों ने देखा तो कुछ लोग मेरी लड़की की लाश पहचान लिये फिर मुझको बुलाया गया मैं पहचानने से इंकार कर दिया। फिर मेरी पत्नी भी आ गयी और अपनी लड़की की लाश देखकर रोने लगी। फिर मैं भी मान लिया कि मेरी ही लड़की का लाश है। इसके बाद मैं प्रधान के कहने पर थाने पर प्रार्थना पत्र देकर पोस्टमार्टम कराया।
