मेरठ (हि.स.)। कोरोना काल में फीस ना भरने वाले छात्र-छात्राओं के नाम स्कूलों से काटे जा रहे हैं। नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ होता देख भारतीय किसान आंदोलन अभिभावकों के पक्ष में उतर आया है। बुधवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने बीएसए कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
भारतीय किसान आंदोलन के अध्यक्ष कुलदीप त्यागी कई अभिभावकों के साथ बुधवार को बीएसए कार्यालय पहुंचे। जहां धरना देते हुए अभिभावकों और संगठन के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। कुलदीप त्यागी ने बताया कि शहर के फ्लोरा डेल्स सहित कई स्कूलों ने कोरोना काल में फीस ना भरने वाले बच्चों के नाम स्कूल से काट दिए हैं। ऐसे में अवसाद में आए बच्चे कोई भी गलत कदम उठा सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों के मालिक मनमानी पर उतारू हैं। कोर्ट और शासन के आदेश के बावजूद अभिभावकों पर कोरोना काल में बच्चों की ट्रांसपोर्टेशन फीस और कंप्यूटर फीस सहित अन्य कई ऐसे पैसों की डिमांड की जा रही है, जिनका कोई औचित्य ही नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के अधिकारी चुप रह कर स्कूल संचालकों की मनमानी को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह मनमानी ऐसे ही जारी रही तो उनका संगठन सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा।
