अलीगढ़ । वित्त विहीन विद्यालय प्रबंधक महासभा के अध्यक्ष ओमेश चौधरी ने प्रेस क्लब पर हुई पत्रकार वार्ता में बताया कि लगभग पिछले 18 महीने से उत्तर प्रदेश के कक्षा 1 से 8 तक के प्राइवेट विद्यालय कोरोना के नाम पर बंद किए हुए हैं। विद्यालयों के अलावा सभी सेक्टर को कोरोना गाइडलाइंस बनाकर पूर्व की तरह खोल दिया गया। लेकिन प्राइवेट विद्यालय मार्च 2020 से आज तक पूर्णतया बंद है, प्राइवेट विद्यालय का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में सीबीएसई, आईसीएससी के बड़े-बड़े विद्यालय आते हैं, जबकि लोग उन विद्यालयों की ओर ध्यान नहप देते हैं जो मात्र रुपए 150 से घ्200 प्रति माह में मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग के बच्चों को शिक्षित करने का कार्य करते हैं, प्रदेश में 85þ शिक्षण कार्य का दारोमदार इन विद्यालय पर है, लेकिन आज पोस्ट कोरोना, आने वाली कोरोना लहर जैसी आशंकाओं के आधार पर प्राइवेट विद्यालयों को लगातार बंद किया हुआ है। बहुत से विद्यालय तो बंद भी हो चुके हैं या बिक चुके हैं, इन विद्यालयों पर निर्भर करने वाला विद्यालय संचालक, शिक्षक एवं कर्मचारी आज भुखमरी की कगार पर है।संगठन ने मांग की है कि कोरोना मुक्त जिलों में कोरोना गाइडलाइन के तहत कम संख्या की बाध्यता के साथ छात्रों के शैक्षिक हित में विद्यालय अति शीघ्र खोले जाएं ।
बंद प्राइवेट विद्यालयों के बिल माफ किए जाएं ।
प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों एवं छात्रों के हितों में सरकार अति शीघ्र विद्यालय खोलने का निर्णय लें, नहप तो शिक्षक, कर्मचारी एवं अभिभावक 26 जुलाई को धरना प्रदर्शन, आमरण अनशन कर सरकार की हिटलर शाही का विरोध करेंगे।
UP News : प्राइवेट स्कूल खोले सरकार, अन्यथा 26 को होगा प्रदर्शन
RELATED ARTICLES
