अलीगढ़। शराब का काला कारोबार कोई नया नहीं है। अलीगढ़ समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों में यह धंधा कई वर्षों से फल-फूल रहा है। शराब माफिया पुलिस-प्रशासन की नाक के नीचे लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। शुक्रवार को जिले में मौत के तांडव के बाद लोगों के घरों से जो देशी शराब के पौवा बरामद किए गए हैं, उनका सरकारी गोदाम में कोई रिकार्ड नहीं है। स्क्रीनिंग में इनका बार कोड भी नकली निकला है। इससे साफ है कि शराब नकली थी। इसे जहरीले पदार्थों से तैयार किया गया था। जिला प्रशासन व पुलिस सर्विलांस की टीम नकली शराब की आपूर्ति करने वाले व्यक्ति की पड़ताल में लग गई है। पड़ताल सही हुई तो कई बड़े आकाओं का पर्दाफाश हो जाएगा। आका सिंडिकेट बनाकर गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर व अलीगढ़ में यह खेल चला रहे हैं।
मोटे मुनाफे के चक्कर में बांट रहे मौत
शराब कारोबार से जुड़े एक शख्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सरकार ने देशी शराब की एक पेटी की कीमत तीन हजार रुपये कर रखी है। बुलंदशहर, गाजियाबाद व मेरठ से देशी शराब की पेटी 1600 रुपये में मिल जाती हैं। एक पेटी पर करीब 1400 रुपये की बचत होती है। जिले में दो लोग इन पेटियों की आपूर्ति करते हैं।
नींद की गोली से बन रही शराब
शराब माफिया के खेल का पुलिस कर सकती है पर्दाफाश
प्रशासन ने जिन ठेकों को सील किया है, इनके अनुज्ञापी अलग-अलग हैं। सूत्रों मुताबिक भले ही यह नाम अलग-अलग हों, लेकिन सिंडिकेट एक ही है, जो सभी ठेकों पर नकली शराब की आपूर्ति करता है। प्रशासन कडियों को जोड़ते हुए पड़ताल करे तो पूरा पर्दाफाश हो जाएगा।
एक दर्जन से अधिक ठेके संचालित कर रहा शराब माफिया
सरकार ने अब एक व्यक्ति के नाम अधिकतम दो दुकानों के लाइसेंस का नियम कर दिया है। शराब माफिया अपने रिश्तेदार व अन्य जान पहचान वाले लोगों के नाम का प्रयोग करते हैं। वे इनके नाम से हैसियत प्रमाणपत्र बनवाते हैं और ठेका ले लेते है। पूरा काम माफिया ही संभालते हैं। एक-एक माफिया 15-15 ठेका चलाता है। जिस व्यक्ति के नाम ठेका जारी होता है, उसे कमीशन के तौर पर कुछ राशि दी जाती है।
मौत की सजा तक का प्रावधान
ठेकों के अनुज्ञापी प्रशासन ने चार ठेके सील किए हैं। इनमें करसुआ का ठेका गंगा सहाय, अंडला ककौल का राजेंद्र पाल सिंह, पचपेड़ा का दिगपाल व छेरत का ममता देवी के नाम है।
क्या कहते हैं जिलाधिकारी
UP News : पुलिस-प्रशासन की नाक के नीचे लोगों की जिन्दगी से खिलवाड़ कर रहे शराब माफिया
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