वाराणसी (हि.स.)। केन्द्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ आन्दोलनरत किसानों के समर्थन में कांग्रेस का छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ता शनिवार को सड़क पर उतरे। संगठन के जिलाध्यक्ष ऋषभ पाण्डेय के नेतृत्व में महात्मा गांधी काशी विद्वयापीठ के समीप जुटे कार्यकर्ताओं ने केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का प्रतीकात्मक पुतला लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ता जब तक पुतला का दहन कर पाते कि इससे पहले मौके पर पहुंचे सिगरा पुलिस ने उन्हें रोक पुतला छिन लिया। कार्यकर्ता कुछ देर तक पुतला छिनने का विरोध करते रहे।
इस दौरान पुलिस अफसरों के तेवर देख कार्यकर्ताओं ने कहा कि दमनकारी सरकार द्वारा प्रशासन के बल पर हमें रोकवा लिया। लेकिन किसानों के समर्थन में हम विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे। विरोध प्रदर्शन कर कार्यकर्ता वापस लौट गये।
पत्रकारों से बातचीत में जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि किसान विरोधी सरकार द्वारा लागू किये गये तीनों काले कानून के विरोध में किसानों का धरना चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। इसके बावजूद ये सरकार किसानों की एक नही सुन रही है। प्रतिदिन एक न एक किसान की आन्दोलन के दौरान मृत्यु हो जा रही है। ये सरकार और इस सरकार के मंत्री किसानों की परेशानी दूर करने के बजाए उन्हें खालिस्तानी साबित करने पर लगे है। लेकिन ये किसान हमारे अन्नदाता हैं और पार्टी अन्नदाताओं के लिये हमेशा खड़ी है।
जिलाध्यक्ष ऋषभ पांडेय ने कहा कि ये सरकार शुरू से ही युवा एवं किसान विरोधी रही है। ये सरकार नया संसद भवन तो बनवा सकती है। परन्तु किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती। ये सरकार पूंजीपतियों की सरकार है, जिसमें अम्बानी, अडानी एवं बाबा राम देव जैसे व्यवसायिक लोग है। यह लोग किसानों के अनाज को कौड़ियों के भाव पर खरीद कर सोने के भाव बेचते हैं। प्रदर्शन में शशांक शेखर सिंह, अभय शक्ति सिंह, कुंवर यादव, प्रभू, अमन सिंह आदि कार्यकर्ता शामिल रहे है।
