लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश पशुपालन निदेशालय के सुंदरीकरण का कार्य कर रही कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजक्ट कारपोरेशन के कार्य में रुकावट आ गयी है। संयुक्त निदेशक रोग नियंत्रण ने मार्च माह में निदेशालय पर बढ़े दबाव के कारण कमरों के बचे हुए कार्यों को अप्रैल से करने के निर्देश दे दिये हैं।
पशुपालन निदेशालय के सुंदरीकरण के कार्य में पहले कर्मचारियों की हड़ताल बाधा बनी तो इसके बाद लॉकडाउन के कारण कुछ समय कार्य बंद रहा। लॉकडाउन के बाद पुन: यूपी प्रोजक्ट कारपोरेशन ने कार्य शुरु किया तो अब मार्च माह का दबाव रुकावट बनकर सामने आ गया। मार्च माह में कार्य के दबाव के कारण निदेशालय के कमरों को खाली नहीं कराया जा सकता। इसके कारण कार्यदायी संस्था मार्च माह के बचे दिनों में निदेशालय के बाहर चल रहे कार्यों को पूरा कराने में समय देगी।
पशुपालन निदेशालय में संयुक्त निदेशक रोग नियंत्रण डॉ.जिलेदार सिंह ने हिन्दुस्थान समाचार से कहा कि वर्तमान समय मार्च माह निदेशालय के वित्तीय व्यवस्था के लिए बेहद व्यस्त रहता है। इस समय किसी प्रकार से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भीतर बाहर नहीं कराया जा सकता। मार्च माह तक कार्यदायी संस्था अन्य कार्यों को पूरा करायेगी।
उन्होंने कहा कि निदेशालय के बाह्य व भीतरी सुंदरीकरण में बाहर का बहुत सारा कार्य पूरा हो चुका है। निदेशालय से जुड़े एक और भवन के बाहर का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। ज्यादातर कार्य निदेशालय के भीतर का ही बचा हुआ है। इसके लिए कार्यदायी संस्था को वित्त भी जारी किया जा चुका है।
बता दें कि यूपी प्रोजक्ट कारपोरेशन लिमिटेड के सीजीएम गोपाल मिश्रा का दावा है कि उनकी कार्यदायी संस्था के निर्माण, सुंदरीकरण व मरम्मत कार्य समय से पूरा होते हैं। जबकि अधिकांश जगहों पर वित्त व्यवस्था की अस्थिरता के कारण सुंदरीकरण एवं निर्माण कार्यों को समय से पूरा नहीं किया जा रहा है। पशुपालन निदेशालय के सुंदरीकरण का कार्य भी उसमें से एक है।
