प्रतापगढ़ (हि. स.)। जनपद के लालगंज तहसील क्षेत्र में भू-माफियाओं ने एक वृद्धा के पैतृक जमीन का जालसाजी कर बेच दिया। खुलासे के बाद वृद्धा कोर्ट कचहरी से लेकर पुलिस महकमे के चौखट तक न्याय की गुहार लगा रही है। शनिवार को लालगंज कोतवाली पहुंचकर वृद्ध महिला ने अपने साथ हुए जालसाजी की शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई।
कोतवाली क्षेत्र के कौशल्यापुर के रहने वाले नीमर पाल की लगभग सवा बीघे जमीन उनकी मृत्यु के बाद उनकी दो पुत्रियां सिरताजा और सुगिया के नाम आ गई। सिरताजा के भी कोई संतान नहीं थी, दोनों बहने अपने पिता के घर ही रहती थी। लगभग 85 वर्ष की उम्र में तीन मार्च 1995 को सिर ताजा की भी मृत्यु हो गई। अब उक्त पैतृक जमीन सुखिया के नाम वराशतन दर्ज होना था, लेकिन हल्का लेखपाल भी इस ओर ध्यान न दिया और नहीं अनपढ़ सुगिया ने इसी का फायदा उठाकर गांव के अजीत पाल तथा उनके दो सहयोगी शिव कुमार पांडे तथा हंसराज सरोज ने सुगिया के जमीन का सौदा कर लिया। यही नहीं एक काल्पनिक सिर ताजा को रजिस्ट्री ऑफिस में खड़ा करवाकर अभय दुबे निवासी ग्राम आझारा के नाम छह फरवरी 2020 को रजिस्ट्री करवा कर एक मोटी रकम वसूल लिया। अब सवाल उठता है कि 25 वर्ष पहले मृत महिला के भूमि की रजिस्ट्री बिना रजिस्ट्री ऑफिस के अधिकारियों की मिलीभगत से कैसे संभव हो सकता है।
नायब तहसीलदार न्यायालय में सुगिया द्वारा मामले की शिकायत करने के बाद न्यायालय तहसीलदार ने दाखिल खारिज के आदेश को विधि विरुद्ध बताते हुए रद्द कर दिया है। अब देखना यह है कि वृद्ध सुगिया को न्यायालय तथा पुलिस महकमे से कब न्याय मिलता है और जालसाजों को उनके कृत्य की सजा मिलेगी।
