-इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विस्तृत जांच की मांग की
गाजियाबाद. स.)। वेंडिंग जोन बनाने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उसमें कानून और नियम की अनदेखी कर कंपनी विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए यह कार्य किया जा रहा है। अगर इसमें सुधार नहीं हुआ तो वह कोर्ट में जाकर अपनी बात रखेंगे। यह बातें बुधवार को नगर निगम मुख्यालय स्थित पार्षद सभा कक्ष में संवाददाताओं से वार्ता करते हुए भाजपा पार्षद दल के सचेतक हिमांशु मित्तल ने कही है।
उन्होंने कहा कि नवयुग मार्केट कंप्यूटर मार्केट के पीछे 45 वेंडर शॉप, गाजियाबाद फ्लाईओवर के नीचे 25, वसुंधरा सेक्टर 15 एवं 17 में 65 शास्त्री नगर चौराहे पर 25 वाइन शॉप आवंटित किए जाने प्रस्तावित हैं। आरोप लगाया कि वेंडिंग जोन की प्रक्रिया में शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। वेंडिंग जोन के तहत समिति के आर्थिक सदस्य हैं, लेकिन थ्रू सरकुलेशन में केवल 32 सदस्य ही दिखाए गए हैं और दस्तावेजों पर 14 लोगों के ही हस्ताक्षर हैं।
खास बात तो यह है कि जिस समय वेंडिंग जोन की बैठक में यह प्रस्ताव पास करवाया गया था तो उस समय 38 लोगों की सूची जारी की गई थी। लेकिन इन दस्तावेजों पर पुलिस अधीक्षक वह जिलाधिकारी के हस्ताक्षर भी अंकित नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि सार्वजनिक स्थलों, धर्म स्थलों व शिक्षण संस्थानों से नियमों के मुताबिक 50 मीटर की दूरी का पालन नहीं किया गया है,जिससे साफ जाहिर है कि इस पूरी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के झोल हैं।
परियोजना अधिकारी डूडा को इसमें सदस्य दिखाया गया है, जबकि परियोजना अधिकारी नगर आयुक्त की भूमिका सचिव की भूमिका में होने चाहिए। यह भी आरोप है कि इस समिति में दो पार्षदों का होना जरूरी है, लेकिन मनवीर नागर नामक जिस पार्षद को सदस्य दिखाया गया है, उनका कार्यकाल बहुत पहले समाप्त हो चुका है।
इसके अलावा वेंडिंग जोन में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिस यूनीपोल कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसके खिलाफ भ्रष्टाचार व अन्य मामलों में अनियमितता बरतने को लेकर अपराधिक मामले दर्ज हैं।
उन्होंने इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विस्तृत जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह हाईकोर्ट की शरण में जाएंगे।
UP News : नियम कानूनों की अनदेखी कर बनाये जा रहे वेडिंग जोन : भाजपा
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