लखनऊ (हि.स.)। लखनऊ से मुम्बई जा रही पुष्पक एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास की बोगी एस-05 की ट्रॉली के क्रैक होने की घटना धातु की गुणवत्ता की खराबी के कारण हुई थी। यह बात केमिकल एंड मैटेलर्जी टेस्ट (सीएमटी) से पता चली है। यह हादसा गत 12 जुलाई को भोपाल से करीब 50 किलोमीटर पहले हुआ था।
रेलवे प्रशासन के मुताबिक, गत 12 जुलाई को लखनऊ से मुम्बई से जा रही पुष्पक एक्सप्रेस की बोगी क्रैक होने की घटना की जांच पूरी हो गई है। केमिकल एंड मैटेलर्जी टेस्ट (सीएमटी) में यह बात सामने आई है कि पुष्पक एक्सप्रेस की बोगी एस-05 की ट्रॉली की धातु गुणवत्ता खराब थी। इसी कारण से बोगी की ट्रॉली क्रैक हुई थी। अब ट्रॉली लगाने वाली कम्पनी को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी चल रही है। साथ ही कम्पनी के उस बैच का पता भी लगाया जा रहा है जिसकी ट्रॉली पर बनी बोगियां कई और ट्रेनों में दौड़ रही हैं।
पुष्पक एक्सप्रेस के लखनऊ से रवाना होने से पहले ऐशबाग कोचिंग डिपो की वाशिंग पिट पर उसकी फिटनेस की जांच की गई थी। ट्रेन भोपाल पहुंची तो वहां तैनात तीन कर्मचारियों की नजर बोगी एस-05 की ट्रॉली पर पड़ी थी। ट्रॉली में बड़ी दरार होने के कारण वह दो हिस्सों में बंटने से बच गई थी। कर्मचारियों की सूचना के बाद एस-05 बोगी को हटाकर दूसरी बोगी लगाई गई। तब ट्रेन को आगे रवाना किया गया। फिलहाल इस बोगी को भोपाल के वर्कशॉप में रखा गया है।
