विपक्ष की कमजोरियों से एकतरफा निर्णय ले रही है सरकार
कानपुर (हि.स.)। देश में महंगाई दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है और लोगों का रोजगार भी छिन रहा है। कोरोना काल में अर्थव्यवस्था को संभालने वाला कृषि क्षेत्र भी अब केन्द्र सरकार की नीतियों के चलते प्रभावित होने जा रहा है। जिससे साबित हो रहा है कि भाजपा सरकार देश को रोटी देने वाले किसानों के साथ छल कर रही है और मजबूर होकर किसान सड़कों पर उतर आया है। यह सब इसलिए भी हो रहा है कि विपक्ष की भूमिका भी बहुत कमजोर है। यह बातें रविवार को कानपुर पहुंचे प्रसपा के राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव ने कही।
शहर के चौबेपुर क्षेत्र में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का रविवार को कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव के बेटे व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव ने पंचायत चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है। महंगाई से जनता की कमर टूट चुकी है। अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले उद्योग जगत की हालत बड़े उद्योगपतियों के चलते बद से बदतर हो गयी है। वहीं केन्द्र सरकार के निर्णय से कृषि क्षेत्र भी प्रभावित हो रहा है और देश को रोटी देने वाला किसान अपनी भविष्य अंधकारमय होता देख सड़कों पर विरोध कर रहा है। पेट्रोल, डीजल व गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं। प्रदेश में जातिवाद पूरी तरह से हावी है। सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण में चंदे के नाम पर वसूली हो रही है। उन्होंने कहा देश में चुनाव के वक्त युवाओं को रोजगार देने का वादा करने वाली सरकार ने विकास के नाम पर सिर्फ महंगाई ही दी है। स्थिति ये हो चुकी है कि सरकारी उपक्रमों का निजीकरण हो रहा है। इस दौरान जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव, सुंदर लाल लोधी, अशोक यादव, राजेंद्र स्वामी, विकास राजपूत, राजपाल यादव, विनोद प्रजापति आदि मौजूद रहें।
सोशल मीडिया तक सीमित है विपक्ष
प्रसपा महासचिव केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जहां जमकर हमला बोला तो वहीं विपक्ष को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की भूमिका जनता की आवाज होती है पर ऐसा नहीं हो रहा है और सोशल मीडिया तक ही विपक्ष सीमित है। आगे कहा कि लव जिहाद जैसे कानून बनाने के बाद भी प्रतिपक्ष के नेता विरोध तक नहीं कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन करने वाले किसान नेताओं को देश विरोधी बताया जा रहा है।
किसानों की रीढ़ तोड़ रहा नया कृषि कानून
कार्यकर्ता सम्मेलन में शिवपाल यादव के बेहद करीबी व पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवकुमार बेरिया ने कहा कि किसानों के न चाहते हुए भी केन्द्र सरकार ने तीन कृषि बिलों को संसद में पारित कर दिया। यह कानून किसान की रीढ़ तोड़ रहा हो रहा है। महंगाई चरम पर है और प्रदेश में महिला अपराध तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में हम प्रदेश की जनता राम राज्य की कल्पना कैसे कर सकती है।
