– आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं के लिए वेबिनार का आयोजन
– जागरूक कानपुर अभियान के तहत सीफार संस्था की पहल
कानपुर (हि. स.)। स्वास्थ्य विभाग की अग्रिम पंक्ति की योद्धाओं अर्थात आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं के लिए गुरुवार को एक बेविनार का आयोजन किया गया। यह बेविनार जिला प्रशासन के जागरूक कानपुर अभियान के तहत सेंटर फार एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) द्वारा आयोजित की गई। जिसमें करीब 130 आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डीसीपीएम योगेंद्र पाल ने वेबिनार का शुभारंभ करते हुए कहा कि कोविड के इस दौर में इस तरह के आयोजन की बहुत जरूरत है। जिला स्वास्थ्य एवं शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र मिश्रा ने कहा कि इस बार हमें हर त्योहार, उचित व्यवहार, सर्वोत्तम उपहार के फार्मूले पर दीपावली मनानी होगी, जिससे कि जीवन की रंगोली में कोरोना का रंग न भरने पाए। उन्होंने कहा कि त्योहारों में खुशियां फैलाने के लिए उचित व्यवहार को अपनाकर कोरोना को दूर भगाना होगा। उन्होंने कहा कि त्योहारों की खुशियों और उत्साह के बीच हमें कोविड प्रोटोकाॅल का भी ध्यान रखना है। हम लोग न सिर्फ कोविड प्रोटोकॉल के बारे में चर्चा करें बल्कि इसे हम अपने व्यवहार में भी लाएं।
यूपीटीएसयू की संचार विशेषज्ञ ने कहा कि वीएचएनडी सत्रों में अधिक भीड़ न होने पाए, इसके लिए जरूरी है कि पूरे दिन को दो भागों में बांट लिया जाए। एक भाग में बच्चों को और दूसरे भाग में गर्भवती महिलाओं को अलग-अलग बुलाया जाए। यदि इनकी संख्या अधिक है तो वहां पर गोले बना लिए जाएं, जिससे लोग शारीरिक दूरी का पालन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सत्र के दौरान कोई भी चीज छूने के बाद अपने हाथों को जरूर सेनिटाइज जरूर करें। बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ के मरीजों को सत्र में कतई न बुलाएं। आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं से उन्होंने कहा कि आप लोग समाज में जाते हैं, लोग आपको रोल मॉडल मानते हैं ऐसे में जरूरी है कि आप सब अपने मास्क को अच्छे ढंग से लगाएं।
कोरोना चैंपियन स्वाती कश्यप ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति कोराेना संक्रमित है तो उसे चिकित्सक के निर्देशों के अनुसार ही दवाओं का सेवन करना चाहिए। आइसोलेशन पूरा हाेने के बाद डॉक्टर की सलाह पर ही दोबारा कोरोना टेस्ट कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को मास्क को टांगना नहीं, बल्कि सही तरीके से लगाना चाहिए। इस त्योहारी सीजन में जबकि कोराना की संभावनाएं बढ़ी हुई हैं, हमें और अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है।
सीफार संस्था की नेशनल लीड रंजना द्विवेदी ने कहा कि स्वास्थ्य व पोषण संचार लोगों को रोगों से बचाव के लिए है। उन्होंने कहा कि आज कोरोना वैक्सीन (टीका) की प्रतीक्षा हम सभी लोग कर रहे हैं। ऐसे में हम गर्भवती महिलाओं, धात्री एवं अन्य लोगों को टीकाकरण के महत्व को बता सकते हैं… हम इन लोगों को समझा सकते हैं कि एक टीका किसी बच्चे को किस तरह तमाम तरह की बीमारियों और खतरों से बचाता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार में परिवार नियोजन को लेकर अलग-अलग धारणाएं हों तो एेसे में पूरे परिवार के साथ बैठकर बातचीत कर परिवार के लोगों को समझाया जा सकता है। परिवार के सदस्यों को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों के बारे में जानकारी दी जाए। साथ ही सुरक्षित प्रसव के बारे में भी बताया जाए। जब भी किसी गर्भवती से बात करें तो उसके परिवार वालों को गर्भवावस्था से प्रसव तक होने वाले जोखिमों को भी जरूर बताएं।
यूनिसेफ के अमया शंकर ने कहा कि त्योहारी उत्साह में हमें कोविड प्रोटोकॉल को कतई नहीं भूलना है। यदि कोई पॉजिटिव व्यक्ति निगेटिव हो चुका है, तो परिवार में… समाज में उसका स्वागत होना चाहिए। उसके प्रति किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। हम सब उसे मनोवैज्ञानिक समर्थन देकर उसका हौसला बढ़ाएं।
यूनिसेफ के मंडलीय सलाहकार आशीष शुक्ला ने कहा कि तिरंगा भोजन करके हम अपनी इम्यूनिटी पॉवर को बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने खानपान में दाल, अनाज, हरी सब्जियां, वसा, मौसमी फल, दूध से बने खाद्य पदार्थ का सेवन जरूर करना चाहिए। मांसाहार वाले लोग अंडा, मछली और चिकन का भी प्रयोग कर सकते हैं।
UP News : त्योहारी खुशियों और उत्साह के बीच कोविड प्रोटोकॉल का भी रखें ध्यान
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