गोरखपुर (हि.स.)। नवागत डीआईजी जे. रविंदर गौड़ ने बुधवार को अपना कार्यभार ग्रहण किया।गुरु गोरक्षनाथ का दर्शन कर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पत्रकारों से रूबरू नवागत डीआईजी ने भविष्य में उठाये जाने वाले कदमों की चर्चा भी की।
वर्ष 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी डीआईजी जे. रविंदर गौड़ मूल रूप से आंध्र प्रदेश के महबूब नगर के निवासी हैैं। श्री गौड़ देर रात मंगलवार को गोरखपुर पहुंच गए थे। बुधवार को गोरखनाथ मंदिर जाकर गोरक्षनाथ का आशीर्वाद लिया और मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी देखा।
इस दौरान उन्होंने कहा कि मंदिर आने वाले हर व्यक्ति को मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ेगा। तभी वह श्री गोरक्षनाथ जी का दर्शन कर सकेगा। मंदिर परिसर में एलआइयू ऑफिसर सिविल वर्दी में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। यहां तैनात जवान अपने-अपने कर्तव्यों और दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। मंदिर परिसर में आने वाले हर व्यक्ति पर उनकी नजर है।
रेंज को अपराध मुक्त करने को जिलों के कप्तानों से होगी रायशुमारी
गोरखपुर रेंज को अपराध मुक्त करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसके लिए जिलों के कप्तानों व वरिष्ठ अधिकारियों से रायशुमारी की जाएगी। अपराध नियंत्रण के लिए पारदर्शिता से कार्य करना जरूरी होता है।
डीआईजी गौड़ ने कहा कि कार्यालय आने वाले हर फरियादी को न्याय दिलवाने की पूरी कोशिश होगी। इसमें लापरवाही करने वाला बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए फरियादियों से सौहार्द्र पूर्ण वातावरण में बातचीत के सिलसिले को जारी रखा जाएगा।
जनता से सहयोग लेने की हर संभव होगी कोशिश
उन्होंने कहा कि जब अपराध और अपराधी के बारे में पुलिसतंत्र को सटीक सूचना और जानकारी रहती है, तभी अपराध मुक्त वातावरण बनाने में सफलता मिलती है। ऐसा तभी संभव है, जब जनता और पुलिस के बीच मधुर सम्बंध हो। पुलिस की छवि जनता के बीच अच्छी बनाने का मकसद है। जनता से मधुर सम्बंध होंगे तब जनता भी एक दोस्त की तरह पुलिस से बात कर सकेगी। कोई महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस से साझा कर सकेगी। कभी कभी पुलिस के सख्त रवैये से कई मामलों में जनता पुलिस से जानकारी साझा करने में हिचकती है। इसलिए जनता और पुलिस के बीच की दूरी मिटाने के प्रयास जरूरी हैं।
