रायबरेली(हि.स.)। जीवन भर जिसने साथ निभाने का वादा किया और जिसके लिए पूरी उम्र गुजार दी, जब उसके सहारा बनने का समय आया तो उसने घर से ही बाहर का रास्ता दिखा दिया। अब वह बुढ़ापे में दर-दर भटकने को विवश है।
शादी के 40 साल बाद पति द्वारा तीन तलाक देकर घर से निकालने का मामला शनिवार को सामने आया है। पुलिस ने अब तर्कसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है जबकि पीड़िता भटकने को विवश है।
रायबरेली के खीरों थाना क्षेत्र में हरीपुर मिरदहा गांव की रहनेवाली सब्बो का निक़ाह 40 साल पहले वसीक खान के साथ हुआ था जिससे उनके दो बेटियां भी हैं। हालांकि निक़ाह के बाद से ही सब्बो का वैवाहिक जीवन सुखमय नहीं था, पति उसे लगातार मारता पीटता था लेकिन बच्चों और लोकलाज के भय से वह उत्पीड़न सहती रही।
करीब पांच महीने से पति द्वारा जारी उत्पीड़न कुछ ज्यादा ही बढ़ गया जिसे उसके मायके पक्ष के लोगों और ग्रामीणों ने सुलह कराने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
सब्बो का आरोप है कि पिछले वर्ष नवंबर में पति ने उसे तलाक-तलाक-तलाक कहकर घर से बाहर निकाल दिया। अब वह भाई के घर के पास ही झोपड़ी बनाकर रह रही है। उसका आरोप है कि पति उसे मारता पीटता था और विरोध करने पर भूखा रखा जाता था।
पीड़िता का कहना है कि उसे अपनी बेटियों से भी मिलने नहीं दिया जा रहा है। 40 साल बाद अब वह बुढ़ापे में कहां जाय,उसने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
खीरों थानाध्यक्ष राजेश सिंह का कहना है कि तीन तलाक़ का मामला सामने आया है,मुकदमा दर्ज कर के जांच की जा रही है। विधिक कार्रवाई की जाएगी।
