— मंडलायुक्त को बताया गया कि 40 फीसदी हो चुका है कार्य पूरा
कानपुर(हि.स.)। जनपद के दक्षिण क्षेत्र घाटमपुर में बन रहे पॉवर प्लांट का मंडलायुक्त डा. राजशेखर ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अब तक निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति संबंधित अधिकारियों से ली। इस पर उन्हे बताया गया कि करीब 40 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है और बाकी का बचा हुआ कार्य युद्धस्तर पर बीएचईएल कंस्ट्रक्शन एजेंसी से पूरा करवाने का प्रयास किया जा रहा है। निरीक्षण के बाद मंडलायुक्त ने कहा कि पॉवर प्लांट के कार्य में तेजी लायी जाये और जनवरी 2022 तक इसका लाभ लोगों को मिलना शुरु हो जाये।
घाटमपुर क्षेत्र में 660 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है। प्लांट के निर्माण कार्य का निरीक्षण मंडलायुक्त डॉक्टर राजशेखर ने मंगलवार को किया। निरीक्षण के दौरान प्लांट के जीएम ने उन्हें बताया कि अब तक की भौतिक प्रगति का लगभग 40 फीसद कार्य पूरा करवाया जा चुका है। बाकी का बचा कार्य युद्धस्तर पर बीएचईएल कंस्ट्रक्शन एजेंसी पूरा करवाने का प्रयास कर रही है। इस परियोजना में आधुनिक तकनीक जैसे हाई कपैसिटी बॉयलर तकनीक, ऑटमेटेड कूलिंग सिस्टम है और संयंत्र के सुचारू और प्रभावी कामकाज के लिए पूरी तरह से स्वचालित नियंत्रण पैनल है। लॉकडाउन के कारण परियोजना में लगभग 4 महीने की देरी हो गई थी, लेकिन बिजली और यूपी विद्युत उत्पादन निगम जनवरी 2022 तक प्लांट शुरू करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। यह पावर प्लांट सैकड़ों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न करेगा । यह इस परिसर के आसपास सहायक संयंत्रों की स्थापना को बढ़ावा देगा।
यह संयंत्र कानपुर नगर में बिजली के उतार-चढ़ाव को कम करने में मदद करेगा और आस-पास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिरता लाने का कार्य करेगा। मण्डलायुक्त ने बताया कि यह संयंत्र बॉयलर के लिए जल निगम के पनकी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के अर्ध उपचारित अपशिष्ट जल का उपयोग करेगा, जिससे ताजे पानी की खपत कम होगी और अपशिष्ट जल का प्रभावी उपयोग होगा।
उन्होंने प्लांट के जीएम वीपी कटियार से कहा कि प्लांट को जनवरी 2022 तक शुरू करें। संयंत्र की शुरुआत से पहले सभी सुरक्षा उपायों और आपदा प्रबंधन को सुनिश्चित कर लें। पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का समय से पूर्ण कर उत्पादन प्रारम्भ कराने के लिए इस प्रोजेक्ट के कार्यों का मासिक समीक्षा करेंगे और हर तीसरे महीने उसका निरीक्षण भी करेंगे।
