-वाराणसी में बढ़ रहे संक्रमण को देख सामाजिक संगठनों ने चलाया जागरूकता अभियान
वाराणसी (हि.स.)। सर्द मौसम में वाराणसी सहित देश के कई हिस्सों में फिर कोरोना वायरस को पांव पसारते देख शासन-प्रशासन के साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी सजग हो गये हैं। शुक्रवार को मैदागिन स्थित हरिश्चंद्र बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज परिसर में सामाजिक संस्था सुबह-ए- बनारस क्लब के बैनर तले जुटे कार्यकर्ताओं ने अध्यापकों और छात्राओं के साथ जन जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के तहत दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी, मास्क नहीं तो टोकेंगे, कोरोना को हम रोकेंगे, के नारों के साथ स्कूली छात्राओं को कोरोना से बचने के उपाय बताये गये।
कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. प्रियंका तिवारी ने कहा कि, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसे कोरोना का तीसरी लहर बताया जा रहा है। इस स्थिति के लिए कहीं ना कहीं हम खुद भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण की इस रफ्तार का ठीकरा पूरी तरह से सरकार पर नहीं फोड़ा जा सकता। चाहे वह केंद्र की सरकार हो, या राज्य की, वह बार-बार आगाह करती रही है, कि जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकले और भीड़-भाड़ में जाने से बचे। ऐसे में सावधानी और कोविड प्रोटोकाल का पालन अति आवश्यक है। सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश जायसवाल, शहर के उद्यमी सपा नेता विजय कपूर ने भी छात्राओं और आम जन को सावधानी बरतने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि त्यौहारी मौसम में हम ने जमकर बाजार में भीड़ बढ़ाई और ढिलाई भी बरती। अधिकांश लोग बिना मास्क के घूमते रहे, मानो कोरोना वायरस का घातक संक्रमण अब खत्म हो गया हो। हमारी यही लापरवाही हम पर भारी पढ़ रही है। आगे भी इसके नतीजे अच्छे नहीं दिख रहे हैं। लोग न तो शारीरिक दूरी के नियम का पालन कर रहे हैं। और ना ही मास्क लगा रहे हैं। ऐसे लोग अपने जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, और दूसरों को भी संकट में डाल रहे हैं। सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।
