वाराणसी (हि.स.)। वाराणसी में बढ़े गृहकर को लेकर नागरिकों के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। बुधवार को मैदागिन स्थित भारतेन्दू पार्क में सामाजिक संस्था सुबह-ए- बनारस क्लब के बैनरतले जुटे कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर बढ़े गृहकर को वापस लेने की मांग नगर आयुक्त से की।
प्रदर्शन में शामिल उद्यमी विजय कपूर और संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल ने संयुक्त रूप से कहा कि नगर निगम प्रशासन मनमाने ढंग से गृहकर में वृद्धि कर रहा है। मुकेश जायसवाल ने आरोप लगाया कि बढ़े हुए गृहकर का अंतर 2014 से जोड़कर लेने से आम जनता में आक्रोश है। विजय कपूर ने कहा कि सत्र 2019 में नगर निगम प्रशासन द्वारा सर्वे कराकर गृहकर में भारी वृद्धि करने के साथ ही वृद्धि किए गए राशि को 2014 से लिया जा रहा है। जो कि कहीं से भी न्याय संगत नहीं है। गृहकर में वृद्धि की आड़ में जनता का दोहन और शोषण भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब गृहकर बढ़ाया जाता है तो उसी के आधार पर जलकर में भी वृद्धि होता है। इस दोहरी मार को झेलने में आम जनता अपने आप को असमर्थ पा रही है। लगातार गृहकर जमा करने के बाद भी 2014 से बढ़े हुए दर पर गृहकर जमा करने का फरमान आ जाने से गृह मालिक व व्यवसायिक प्रतिष्ठान के अधिष्ठाता परेशान और हैरान है।
उन्होंने कहा कि शासनादेश के बाद पूर्व नगर आयुक्त ने फरमान जारी करके गृहकर के इस अव्यवहारिक आदेश को लागू किया था। जिसको लेकर वाराणसी नगर निगम सदन कार्यकारिणी के सभी सत्ताधारी व विपक्ष के पार्षदों ने विरोध किया था। खुद महापौर ने भी बढ़ाए गृहकर मे संशोधन करते हुए इसको 2014 से ना लेकर 2019 से लेने का सुझाव दिया था। जिसकी सुनवाई अभी भी अधर में लटका हुआ है। विजय कपूर ने कहा कि कामर्शियल भवन के साथ आवासीय भवन स्वामी से भी 2014 से ना लेकर 2019 से गृहकर लिया जाए। प्रदर्शन में राजन सोनी, नंदकुमार टोपी वाले, अनिल केशरी, डॉ मनोज यादव, सचिव पंकज पाठक, राजेश श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।
