वाराणसी (हि.स.)। कुछ दिनों स्थिर रहने के बाद वाराणसी में जीवनदायिनी सदानीरा की लहरें फिर तेजी से बढ़ने लगी हैं। जलस्तर में बढ़ाव की गति देख जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। गंगा और वरूणा के तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की नींद भी उड़ने लगी है।
शनिवार को गंगा के जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोत्तरी दर्ज की गईं । केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार पूर्वाह्न 11 बजे तक गंगा का जलस्तर 66.38 मीटर दर्ज किया गया। गंगा में चेतावनी बिन्दु 70.26 मीटर है। गंगा में बढ़ाव के चलते दशाश्वमेध स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर जाने के मार्ग को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया।
घाट पर रहने वाले पंडों ने भी अपनी चौकियों को ऊंचे स्थानों पर रखा। गंगा में बढ़ाव का कारण पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश बताई गई। गंगा के जलस्तर में वृद्धि से पहले से ही घाटों का सम्पर्क मार्ग लहरों में समाया हुआ है। गंगा में बढ़ाव से सहायक नदी वरूणा भी उफनने लगी है। वरूणा कॉरिडोर भी लहरों में समा गया है। कॉरिडोर में घुटने से ऊपर पानी बह रहा है। दोनों नदियों में बढ़ाव को देख बाढ़ चौकियों को भी चौकस रहने को कहा गया है।
