प्रयागराज (हि.स.)। गंगाजल से निर्मित अगरबत्ती शहर पश्चिमी प्रयागराज से पूरी दुनिया में अपनी भारतीय संस्कृति की पहचान स्थापित करेगी। यह विचार कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने गुरूवार को मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र अनुवां प्रयागराज द्वारा 15 दिवसीय कौशल सुधार योजना अंतर्गत महिलाओं को अगरबत्ती निर्माण पैकिंग प्रशिक्षण आरकेएस पटेल प्राथमिक विद्यालय मानिकपुर कुसुवा में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किया।
महिला कौशल प्रशिक्षार्थियों द्वारा अगरबत्ती बनाने की विधि अंजली कुशवाहा और विधोत्मा यादव ने बताया। ट्रेनर बृजेश त्रिपाठी को मंत्री ने बुके भेंट देकर सम्मानित किया। कहा कि समूह में मिलकर कार्य करें। गंगाजल से बनी अगरबत्ती प्रवासी या विदेशों में आध्यात्मिक और धार्मिकता की भावना जागृत होगी तो महिलाओं की आय बढ़ेगी। आत्मनिर्भरता की ओर शहर पश्चिमी महिलाओं को जीवन का नया आयाम स्थापित होगा। अगरबत्ती और मोमबत्ती बनाने के मशीनों की व्यवस्था कराकर रोजगार से जोड़ने का संकल्प है। दीवाली से पहले प्रयागराज के हर बाजार में ललिता शास्त्री स्नेही सेवा संस्थान द्वारा निर्मित अगरबत्ती होगी।
इसके पूर्व टिकरी उपरहार सफदरजंग शत्रुघ्न यादव के आवास पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि जीटी रोड से 2017 चुनाव में गांव आया था तो रास्ता चलने लायक नहीं था, आज पक्की सड़क बन गई है। पहले कब्जा, अपराध, जाति की राजनीति और एक समुदाय का वर्चस्व रहा। अब कोई भी अपराधियों का संरक्षण करेगा वह भी बख्शा नहीं जाएगा। मैंने गद्दी माफियाओं को रद्दी बनाकर छोड़ने का संकल्प लिया है।
इस्माइलपुर कोटवा में उन्होंने कहा कि भगवतपुर में पालों की दुर्दशा से रूबरू हुआ तो तय किया कि भेड़ के ऊन की इंडस्ट्री स्थापित कराकर एक से डेढ़ लाख रुपए महीने आमदनी का सशक्तिकरण गांव के अंदर कराकर विकास का नया आयाम दिलाऊंगा। दीवाली से पहले गांजा गांव में ऊन प्रोसेसिंग यूनिट का शिलान्यास करने जा रहा हूं।
इस मौके पर धर्मपत्नी डॉ. नीता सिंह, मंडलीय अधिकारी अभय त्रिपाठी, उपायुक्त एके चौरसिया, राम औतार यादव जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी, रामकरण दुबे आदि मौजूद रहे।
