– कौशल विकास योजना में लापरवाही होने पर खत्म हो सकते हैं ट्रेनिगं पार्टनर के पद है
कानपुर देहात (हि.स.)। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में कौशल विकास योजना को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस योजना में लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने और लापरवाही बरतने वालों को डीएम और मुख्य विकास अधिकारी ने चेतावनी भी दी है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में कौशल विकास योजना की समीक्षा बैठक की गई। वैसे तो लगातार जिलाधिकारी द्वारा समय समय पर समीक्षा बैठकें की जा रही हैं लेकिन इस बैठक में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पाण्डे काफी सख्त नजर आए।
जिलाधिकारी ने सभी सम्बंधित अधिकारियों को साफ निर्देश दिए है की यह योजना धरातल पर दिखे जिसने भी लापरवाही की उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा सकती है। बैठक में सम्बन्धित आईटीआई कालेज के प्रिंसिपल और जिला समन्वयकों ने अपनी भागेदारी की। जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान कहा कि हमारे जनपद में 20 से 24 वर्ष के युवाओं के बीच की बेरोजगारी दर तेजी के साथ बढ़ी है। इस बेरोजगारी को खत्म करने में कौशल विकास योजना एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। इस महत्वपूर्ण मीटिंग में ट्रेनिग पार्टनर के हेड के अनुपस्थित रहने पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई।
उन्होंने आईटीआई कॉलेज के प्रिंसिपल को निर्देशित करते हुए कहा कि मीटिंग में इस कार्यक्रम से जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों को ही उपस्थित रहने को कहें, सरकार का यह अत्यन्त महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। जिसके द्वारा युवाओं को प्रशिक्षित करके बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। इस योजना के तहत देश में 2020 तक एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनायी गयी थी। इस योजना में तीन माह, छह माह, एक साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। कोर्स पूरा होने के बाद सार्टिफिकेट दिया जाता है। यह सार्टिफिकेट पूरे देश में मान्य होता है। 2022 तक इस योजना के अन्तर्गत 40.2 करोड़ युवाओं को शामिल करने की बात कही गयी है।
जनपद कानपुर देहात में जिलाधिकारी ने समीक्षा करते हुए पाया कि इसमें कोई विशेष काम नहीं हो रहा है। ट्रेनिंग पार्टनर अपनी भूमिकाओं का समुचित एवं निष्ठा के साथ निर्वाह नही कर रहे है। जिसको लेकर वह काफी नाराज भी हुए और अंतिम चेतावनी देते हुए अपने कार्यों का निर्वाहन सही से करने का आदेश दिया है।
मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पाण्डेय ने बोलते हुए कहा कि तीन वर्षो के दौरान आप सब ने इसके तहत कुछ भी कार्य नही किया है, आपकी प्रगति रिपोर्ट बहुत खराब है। अगर यही स्थिति रही तो ट्रेनिंग पार्टनर के पद को खत्म कर दिया जायेगा। इसलिए इस योजना को गंभीरता से ले और दिये गये लक्ष्य को समय से पूरा करें। इस मौके पर जिला सूचना अधिकारी नरेन्द्र मोहन आदि अधिकारीगण व कर्मचारी उपस्थित रहें।
