लखनऊ । अपने ड्राइवर की पत्नी के साथ दूराचार के बाद अश्लील फोटो खींचकर ब्लैकमेल करने के मामले में दाखिल अर्जी का संज्ञान लेते हुए अदालत ने उप्र शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी के खिलाफ लखनऊ पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अम्बरीष कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने थाना प्रभारी सआदतगंज को आदेश दिया है कि वह वसीम रिजवी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करें और तीन दिन के भीतर कोर्ट में अपनी आख्या प्रस्तुत करें।
उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि वसीम पर लगाए गए सभी आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। मामला महिला अस्मिता से जुड़ा है। पीड़िता ने अर्जी में वसीम के आपराधिक इतिहास का भी उल्लेख किया है। इससे लगता है कि वसीम की धमकी से पीड़िता प्रभावित हुई होगी।
पीड़िता ने अर्जी दाखिल कर बताया कि उसके पति वसीम रिजवी के यहां करीब चार साल से ड्राइवर हैं। आरोप लगाया कि आज से करीब पांच माह पहले पीड़िता के पति को लखनऊ से बाहर भेज दिया गया। इसके बाद उसी रात को वसीम ड्राइवर के घर गये, जहां अकेला पाकर पीड़िता के साथ दुराचार किया और उसकी अश्लील फोटो खींच ली। साथ ही यह धमकी भी दी कि अगर वो पुलिस में शिकायत करती है तो उसके पति को जान से मार दिया जायेगा और उसकी तस्वीर को सोशल मीडिया में वायरल कर दी जायेगी। उसने पति की जान व बदनामी के डर से इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताया। लेकिन इसके बाद वसीम रिजवी उसके पति को अक्सर बाहर भेजकर उसके साथ गंदी हरकत करता था। इससे आजिज होकर उसने 11 जून को वसीम की सारी करतूतें पति को बतायी। पीड़िता ने सआदतगंज पुलिस और पुलिस कमिश्नर से भी शिकायत की, लेकिन उनकी ओर से कार्रवाई नहीं की गयी।
