-महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के भैरव तालाब परिसर में कृषि एवं तकनीकी संकाय का लोकार्पण
-राज्यपाल ने जैविक खेती को बढ़ावा देने पर दिया जोर, छात्रों से भी खेती के शुरूआत की अपील
वाराणसी,06 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि देश आज जैविक खेती की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में कृषि विज्ञान के छात्र, कृषि वैज्ञानिक और अध्यापकों को जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ इसे जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। कृषि विज्ञान संकाय से अध्ययन कर निकलने वाले छात्र पहले अपने खेतों से इसकी एक छोटी सी शुरुआत भी करें। छात्रों को कुछ सीखना है, देखना है तो उन्हें खेतों तक जाना होगा।
वाराणसी में चार दिवसीय प्रवास पर आई राज्यपाल बुधवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के भैरव तालाब स्थित परिसर में कृषि एवं तकनीकी संकाय के लोकार्पण के बाद विद्यार्थियों और अध्यापकों को सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि कृषि क्षेत्र में रसायनों के अत्यधिक इस्तेमाल से अब लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा है। रसायनिक खादों के कारण कैंसर के साथ दिल की बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। ऐसे में वैज्ञानिक कृषि तकनीक को प्रयोगशाला से निकालकर जमीन तक पहुंचाएं। किसानों के लिए खेत ही उनकी असली प्रयोगशाला है। इस कार्य से जब खेतों की सेहत सुधरेगी तभी देश की सेहत में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने भी जैविक खेती को प्रोत्साहित करना शुरू किया है। जैविक खेती समाज के स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी है। राज्यपाल ने कहा कि शुद्ध पानी, शुद्ध आहार, शुद्ध विचार जीवन जीने के लिए अब बेहद जरूरी है।
तालाबों के सरंक्षण पर जोर,ग्राम प्रधानों से आगे आने की अपील
राज्यपाल ने तालाबों के सरंक्षण पर जोर देकर कहा कि एक समय तालाबों की विशेष महत्ता थी। लोग कपड़ा धोने, स्नान करने सहित अन्य कार्यों के लिए तालाबों पर ही निर्भर रहते थे। समय के साथ बदलाव हुआ और अब हर घर में नल लग गए हैं। उसमें पर्याप्त पानी मिल रहा है। ऐसे में लोग अब तालाबों की महत्ता नहीं समझ रहे हैं। लेकिन उन्हें समझना होगा कि तालाब पूर्वजों की धरोहर है। इसे संरक्षित करना होगा। इसके लिए ग्राम प्रधानों की भी आगे आना होगा,ये उनकी जिम्मेदारी भी है।
बेटियां भी कृषि क्षेत्र में आगे आ रही,सुनहरे भविष्य का संकेतराज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि कृषि क्षेत्र में अब बेटियां भी आगे आ रही हैं। यह सुनहरे भविष्य का संकेत है। उन्होंने अभिभावकों से अपील किया कि बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाएं। बेटे और बेटियों में कोई भेद भाव नहीं करें।
कैंसर पर भी जताई चिंताराज्यपाल ने इस दौरान कैंसर की बीमारी पर चिंता जताते हुए कहा कि पूरे भारत में जितना कोरोना से लोग नही मरे। उससे अधिक लोग कैंसर से मरते है। कोरोना आया तो हम सब डर गये। नये-नये अस्पताल बने, अलग बेड बनाये गये। सरकार ने सब कुछ किया लोगों को बचाने के लिए। लेकिन सवाल है कि कैंसर क्यों होता है। यह सबको पता है। फिर भी हम इसके लिए तैयार नहीं है। कार्यक्रम में राज्यपाल ने कुलपति से कहा कि इस परिसर को कृषि विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की जरूरत है, ताकि किसानों की समस्याओं का समाधान हो और उन्हें रोजगार भी मिल सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टी. एन. सिंह ने की। उन्होंने भरोसा दिया कि आने वाले समय में यह परिसर कृषि क्षेत्र में शोध केंद्र के तौर पर विकसित होगा। कार्यक्रम में राज्यपाल ने चयनीत प्रगतिशील किसानों से संवाद भी किया।
