– पराली जलाए नही उसकी खाद बनाए।
घरेलू उपयोग की सब्जियॉ अपने घरों में उगाये
हमीरपुर (हि.स.)। सबमिशन आन एग्रीकल्चर योजनान्तर्गत बुधवार को किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कृषि विभाग एव समर्थ फाउण्डेशन के द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र कुरारा पर आयोजित प्रशिक्षण में डा० शालिनी, डा० फूलकुमारी, डा० सूर्यप्रताप सोमबंशी, व डा० एसपी सोनकर ने किसानों को प्रशिक्षित किया।
डा० शालिनी ने किसानों को प्रशिक्षित करते हुए बताया कि पराली को जलाए नही बल्कि उसकी खाद बनाए। उन्होने कम्पोस्ट खाद बनाने के तरीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने महिलाओं को कृषि विज्ञान केन्द्र कुरारा के प्रर्दशन क्षेत्र का भ्रमण कराते हुए बिना जुताई बखराई के धान के खेती क्षेत्र में गेंहू की फसल का दिखाया फसल देखकर किसानो मे पराली के प्रति सोच बदली।
वही, महिला किसानों व पुरूष किसानों की बीज संयत्र क्षेत्र व कृषि समबन्धी विभिन्न उपकरणों को दिखाते हुए उनकी विस्तृत जानकारी प्रदान की। डा० फूलकुमारी के द्वारा किसानों के प्रशिक्षित करते हुए घरेलू किचन गार्डन एवं उसके प्रमुख उत्पादों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अधिक से अधिक हरी सब्जियॉ आदि उगाये और अपने खान पान पर ध्यान दें।
डा० सूर्य प्रताप सोमवंशी के द्वारा किसानो के पशुपालन की विस्तृत जानकारी प्रदान की और किसानों को उन्नत किस्म के पशु और दुघारू जानकारी की जानकारी प्रदान की। डा० एसपी सोनकर ने किसानो के सबालों व कीट प्रबन्धन आदि के बारे में बताया। समर्थ फाउण्डेशन के देवेन्द्र गांधी ने सभी किसानों व वैज्ञानिकों को स्वागत करते हुए प्रशिक्षण के उददेश्यों की जानकारी प्रदान की।
इस दौरान महिला किसान रामप्यारी, सुशीला, मायादेवी, ज्ञानदेवी, सियादुलारी, गीता, रामकली, सम्पत, शकुन्तला, रानी, गंगाचरन, अरबिन्द, रामवली, विपतिया, सहित चन्दुपुर, बिलौटा, शेखुपुर, डामर, रघवा, आदि गॉव के किसानों ने प्रतिभाग किया।
UP News : किसानों की परम्परागत खेती के तरीकों में बदलाव की जरूरत
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