मेरठ (हि.स.)। कांवड़ यात्रा के लिए पीडब्ल्यूडी द्वारा शुरू कराए जा रहे सड़क के चौड़ीकरण को लेकर सामाजिक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। सामाजिक संगठनों ने विभाग के अधिकारियों पर चौड़ीकरण के नाम पर 70 हजार हरे पेड़ काटे जाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
शुक्रवार को दो सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सेव इंडिया फाउंडेशन के संरक्षक राजेश शर्मा और जागरूक नागरिक एसोसिएशन के महासचिव गिरीश शुक्ला के साथ दोनों संगठनों के कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग की नहर पटरी के दाईं तरफ सड़क के चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी लगभग 40 साल पुराने 70 हजार पेड़ काटने की तैयारी कर रहे हैं। जबकि दोनों संस्थाएं लगभग दो साल पहले वन विभाग के साथ मिलकर एक लाख 80 हजार पौधारोपण करके यूपी का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करा चुकी हैं। संस्था के पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि विकास के नाम पर हरियाली को उजाड़ना कहां तक सही है? जबकि जिस कांवड़ यात्रा का नाम लेकर इन पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है, वह कांवड़ यात्रा सिर्फ 15 दिन तक चलती है। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि पेड़ों को काटा गया तो 18वीं सदी में बनाई गई गंग नहर पूरी तरह प्रदूषित हो जाएगी। पेड़ों पर रहने वाले हजारों जीव-जंतु बेघर हो जाएंगे।
संस्था के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि चाहे उन्हें अपना गला कटाना पड़े, लेकिन किसी भी सूरत में हरे पेड़ों को नहीं कटने देंगे। संस्था के पदाधिकारियों ने सीएम के नाम सौंपे ज्ञापन में चौड़ीकरण के लिए सड़क किनारे स्थित किसानों के खेतों की भूमि को अधिग्रहित किए जाने की मांग की है, जिससे पेड़ों का कटान रोका जा सके।
