जौनपुर (हि.स.)। लाइन बाजार थाना क्षेत्रान्तर्गत शीतला धाम चौकियां प्रांगण में शनिवार को एक दम्पति एक दुधमुंहे बेटे को फूल माला बेचने वाले बहाने से सौंपकर भाग निकले। घंटों खोजबीन के बाद जब अज्ञात दम्पति का पता नहीं चला तो एक समाजसेवी ने दुधमुंहे बच्चे के पालन-पोषण की जिम्मेदारी ली।
शीतला धाम चौकियां प्रांगण में रोजाना की तरह दिनेश गोस्वामी अपनी फूल-माला की दुकान पर बैठे थे। सुबह करीब पांच बजे के दरमियान एक पति-पत्नी दुधमुंहे बेटे को उसकी दुकान पर पहुंचे। दम्पति ने दिनेश को अपना बच्चा सौंपते हुए कहा कि हमारे बच्चे को आप आधे घण्टे के लिए यहीं अपने तख्त पर सुलाये रहे हम लोग स्नान दर्शन कर के आ रहे हैं। दुकानदार ने बच्चे को अपने दुकान के पास पड़े एक तख्त पर सुला दिया। घंटों बीत जाने के बात जब दम्पति अपने नवजात शिशु को लेने नहीं आये तो दिनेश गोस्वामी घबरा गया और वह अपने आसपास के दुकानदारों को इस बात की जानकारी दी।
स्थानीय लोगों ने उस नवजात शिशु को संतोष सोनकर को सौंप दिया। संतोष सोनकर ने इस मामले की सूचना पुलिस चौकी पर देते हुए वह और उनकी पत्नी इस बच्चे को अपने घर लाकर पालन पोषण में जुट गए। संतोष सोनकर को कोई संतान नहीं थी।
चौकी इंचार्ज राघवेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि इस मामले की जानकरी मिली है। संतोष सोनकर द्वारा कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को गोद ले लिया है।
