फर्रुखाबाद (हि.स.)। उफनाई गंगा नदी की बजह से दर्जन भर गांवों का सम्पर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। खतरे के निशान से गंगा का जल स्तर केवल 20 सेमी दूर रह गया है। खतरे के निशान पर गंगा पहुंचते ही सैकड़ो गांव जलमग्न हो जायेगे।
बताते चलें कि, गंगा और रामगंगा में हर साल आने वाली बाढ़ की वजह से गंगा पार के तकरीबन 250 गांवों में बसे लोगों की जीविका मुश्किल हो रही है। इस वर्ष गंगा नदी फिर उफना गई है। जिससे लोगों की नींद उड़ गई है।गंगा नदी का जल स्तर सोमवार को 136.90 मीटर पर पहुंच गया है। जबकि 137.10 पर खतरे का निशान है। गंगा का जल आज खतरे के निशान से 20 सेमी दूर रह गया है।
सबसे खास बात यह है कि आज नरौरा बांध से 1लाख 42 हजार 352 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। आये दिन नरौरा बांध से पानी छोड़ने से यहां हालात भयावह हो सकते है। खतरे के निशान पर पहुंचे गंगा के पानी से टिसराम की मड़ैया, आशा की मड़ैया, उदयपुर, हरसिंगपुर सहित दर्जन भर गांवों से जिला मुख्यालय का सम्पर्क पूरी तरह टूट गया है।
गांव हरसिंगपुर के रामचंद्र, रामवरन, केदार आदि बताते हैं कि जिला प्रशासन की ओर से न तो उन लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोई व्यवस्था की गई है और न आवा गमन के लिए नाव की कोई व्यवस्था की गई है। कमोवेश यही हाल इन सभी गांवों का है जहां बाढ़ के पानी की वजह से जिला मुख्यालय से सम्पर्क टूट गया है। उनका कहना है कि इन गांवों के अलावा कुसुमापुर मोड़ पर भी पानी पहुंच गया है। इस मार्ग के जल मग्न होने से और कई गांवों का सम्पर्क जिला मुख्यालय से टूट जाएगा।
जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ चौकियों की स्थापना कर उन पर अधिकारी व कर्मचारी तैनात है। बाढ़ से घिरे लोगों को आगाह किया गया है कि वह सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाए। बाढ़ पीड़ितों के लिए जगह जगह शरणालय बनाये गए हैं। कोटेदारों और ग्राम प्रधानों को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
