Tuesday, February 10, 2026
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UP News : अवैध लाउडस्पीकर हटाने को लेकर चलेगा अभियान

कार्रवाई के बाद 30 तक रिपोर्ट देंगे मंडलायुक्त व पुलिस आयुक्त

प्रादेशिक डेस्क

लखनऊ। देश के अलग-अलग राज्यों में हो रहे लाउडस्पीकर विवाद के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी की ओर से दिशा निर्देश जारी कर कहा गया है कि धार्मिक स्थलों पर लगे अवैध लाउडस्पीकर को हटवाया जाए और 30 अप्रैल तक इसकी रिपोर्ट मंडलायुक्त व पुलिस आयुक्त शासन को उपलब्ध कराएं। अवनीश अवस्थी की ओर से जारी आदेश में पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि विभिन्न क्षेत्रों के लिए तय मानक का अनुपालन कराया जाए और कार्रवाई से उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अवगत कराया जाए।

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उन्होंने कहा है कि इसके लिए धर्म गुरुओं से संवाद व समन्वय के आधार पर अवैध लाउडस्पीकरों को हटवाया जाए और जो वैध हैं उनका निर्धारित मानक के अनुरूप वैल्यूम सुनिश्चित कराया जाए। अवस्थी ने कहा है कि कई जिलों में इसका अनुपालन हुआ है, लेकिन कई जिले ऐसे भी हैं जहां इसका कड़ाई से पालन कराए जाने की जरूरत है। उन्होंने 10 मार्च 2018 और 4 जनवरी 2018 के शासनादेशों का हवाला देते हुए कहा है कि नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि ऐसे धर्मस्थलों की थानेवार सूची बनाई जाए जहां दिए गए नियमों व आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। इसकी जिला स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जाए और पहली रिपोर्ट 30 अप्रैल तक मंडलायुक्त अपने अधीन जिलों की व पुलिस आयुक्त अपने कमिश्नरेट क्षेत्र की शासन को उपलब्ध कराएंगे। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि किस क्षेत्र में लाउडस्पीकर की आवाज कितनी हो सकती है, इसके मानक ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 में निर्धारित हैं। इसके तहत इंडस्ट्रियल एरिया में दिन में 75 डीबी और रात में 70 डीबी, कामर्शियल एरिया में दिन में 65 डीबी और रात में 55 डीबी, रेजीडेंशियल एरिया में दिन में 55 डीबी और रात में 45 डीबी और साइलेंस जोन में दिन में 50 डीबी और रात में 40 डीबी वैल्यूम के साथ ही लाउडस्पीकर बजाए जा सकते हैं। अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा है कि इसका पालन सख्ती से कराया जाए।

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गोरखनाथ मंदिर से भी हटाए गए लाउडस्पीकर

इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद गोरखनाथ मंदिर प्रबंधन द्वारा लाउडस्पीकर की आवाज धीमी करने के बाद वहां लगे आधा दर्जन लाउडस्पीकर का मुंह जो पहले बाहर की तरफ थे, उन्हें मंदिर परिसर की ओर कर दिया गया है। ऐसे में अब मंदिर परिसर में सुबह-शाम लाउडस्पीकर से बजने वाले भजन की गूंज परिसर से बाहर बिल्कुल भी नहीं जाएगी। यह सभी लाउडस्पीकर मंदिर परिसर के चहारदीवारी या गेट पर लगे हुए थे। धार्मिक स्थलों पर अनावश्यक शोर न मचाने का फैसला बीते दिनों पर प्रदेश सरकार ने लिया तो मुख्यमंत्री ने उसी दिन मंदिर प्रबंधन को निर्देश दिया कि वह अपने सुबह-शाम बजने वाले भजनों की आवाज को ध्वनि प्रदूषण के मानक स्तर पर निर्धारित करें, जिससे कि किसी को अनावश्यक परेशानी न हो। मुख्यमंत्री का निर्देश मिलते ही भजनों की आवाज निर्धारित मानक 45 डेसीबल तक कर दी गई। बावजूद इसके चहारदीवारी या गेट पर लगे लाउडस्पीकर से आवाज सड़क पर जा रही थी, इसलिए अब उसका मुंह मंदिर परिसर में अंदर की ओर कर दिया गया है। मंदिर के आसपास बसे स्थानीय लोग इस निर्णय के बाद मुख्यमंत्री की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं।

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