बदमाशों पर गैंगस्टर लगाने के लिए रखना होगा इन बातों का ध्यान
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद शासन ने जारी किया आदेश
जानकी शरण द्विवेदी
लखनऊ। गैंगस्टर की कार्रवाई में लापरवाही अब थानेदारों को मुश्किल में डाल देगी। एक ही मुकदमे को बार-बार दिखाकर बार-बार गैंगेस्टर की कार्रवाई अब नहीं की जा सकेगी। अकेले एक बदमाश पर गैंगस्टर नहीं लगाया जा सकेगा। अलबत्ता एक ज्ञात और अन्य अज्ञात बदमाशों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जा सकेगी। गिरोहबंद अधिनियम के तहत हाल में की गई कुछ कार्रवाईयों में न्यायालय में भद्द पिटने के बाद शासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। पुलिस ने अपनी खामियों पर गौर करना शुरू कर दिया है। उच्च न्यायालय द्वारा गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत की गई एक कार्रवाई के मामले को गंभीरता से लिया एक आदेश पारित किया। उच्च न्यायालय के निर्देश पर अमल करते हुए अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रदेश के जिला पुलिस प्रमुखों को गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम के तहत की जाने वाली कार्रवाइयों में नियमों की अनदेखी न करने को कहा है। शासन ने कहा है कि गैंग चार्ट का अनुमोदन औपचारिक रूप से नहीं किया जाएगा बल्कि पुलिस आयुक्त, जिला मजिस्ट्रेट एवं एसएसपी की संयुक्त बैठक में सम्य विचार-विमर्श के बाद ही किया जाएगा।
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जानकी शरण द्विवेदी
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