चित्रकूट (हि.स.)। नव वर्ष की शुरुआत के साथ ही अब मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर में रोज चार प्रहर की आरती होगी और शयन आरती के बाद रात्रि 10 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। भोर में मंगला आरती के साथ पट खुलेंगे। यह व्यवस्था मंदिर ट्रस्ट ने एक जनवरी से लागू कर दी है।
मत्तगजेन्द्रनाथ एवं पर्णकुटी मंदिर सेवा ट्रस्ट के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रदीप महराज ने रविवार को बताया कि राजाधिराज सरकार मंदिर की भव्यता और दिव्यता के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। मंदिर के गर्भगृह को चांदी से पाटने की योजना है। सरकार की जलहरी से लेकर गर्भगृह की दीवारों पर चांदी का आवरण चढ़ेगा। इसके लिए भक्तों द्वारा सहयोग किया जा रहा है। अन्नपूर्णा प्रसादम की व्यवस्था की गई है। रोज मंदिर ट्रस्ट द्वारा सुबह 10 बजे प्रसाद बांटा जा रहा है। इसमें सोमवार को खीर, मंगलवार को पोहा, बुधवार को हलवा, गुरुवार को पूड़ी सब्जी, शुक्रवार को चना, शनिवार को खिचड़ी, रविवार को फल और एकादशी के दिन खीर और फल का वितरण जारी है।
मंदिर के पुजारी विपिन महराज ने बताया कि, एक जनवरी से राजाधिराज की चार प्रहर में आरती शुरू हो गई है। सुबह 5 बजे नित्य मंगला आरती, दिन में 12 बजे भोग आरती, शाम 7 बजे श्रृंगार आरती और रात्रि 10 बजे शयन आरती करके पट बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राजाधिराज मंदिर की भव्यता और दिव्यता के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। भक्तों का सहयोग लगातार मिल रहा है और सभी की मंशा है कि काशी विश्वनाथ की तर्ज पर मत्तगजेंद्रनाथ सरकार का मंदिर भी भव्य और दिव्य बने।
