– अब तक बबीना व बड़ागांव विकासखण्ड के दर्जनों गांवों को किया जा चुका है जागरुक
झांसी (हि.स.)। सरकार के द्वारा गांव के चैमुखी विकास के लिए पंचायतीराज व्यवस्था को 73वें संविधान संशोधन कर संवैधानिक मान्यता दी थी। तब से ही हर 5 वर्ष में पंचायत के मुखिया का चुनाव किया जाता है।
वर्तमान समय में पंचायत के विकास के लिए आ रहे पैसों से खुद के विकास की मंशा से कई प्रत्याशी पंचायत चुनाव में मतदाताओं को बहला-फुसलाकर, उन्हें लोभ-लालच देकर वोट लेकर जीत जाते है। फिर पांच वर्ष पंचायत का विकास न करकर खुद के विकास करने में लग जाते है। ऐसे प्रत्याशियों के लोक लुभावन वायदों मेें न आकर सच्चे एवं अच्छे प्रत्याशियों को मतदाता चुने इसके लिए परमार्थ समाज सेवी संस्थान के द्वारा झांसी जिले में जागों मतदाता अभियान यात्रा चलायी जा रही है। इस यात्रा के द्वारा अभी तक बबीना एवं बडागांव विकासखण्ड में गांव-गांव जाकर मतदाताओं को मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
यात्रा को सम्बोधित करते हुए सतीश चन्द्र ने कहा कि ग्राम के विकास के लिए पंचायत चुनाव बहुत महत्वपूर्ण होता है। इन चुनावों में प्रत्याशी चैमुखी विकास के वादों के बल पर चुनाव में जीत तो जाते है, लेकिन जब विकास करने की बात आती है तो खुद अपना ही विकास करने में लग जाते है। इसलिए सभी मतदाताओं को ऐसे प्रत्याशी को पंचायत प्रतिनिधि बनने से रोकना होगा बल्कि विकास के रास्ते पर चलने वाला प्रतिनिधियों को पंचायत प्रतिनिधी बनाने का प्रयास कराना होगा। संस्थान की सुषमा देवी ने कहा कि पंचायत चुनाव में ऐसे पंचायत मुखिया को चुन कर लाना चाहिए, जो पानी, बिजली, आवास जैसी सुविधाओं को दिलाने में महत्व दे।
बालकदास एवं रानी विश्वकर्मा ने मतदाता गीतों के द्वारा उपस्थित जनसमुदाय को जागरुक किया गया। इस कार्यक्रम मेें मनोज पाल, सुनील, मस्ताना, सतीश बागड, संतोष सहित गांव के सैकडों लोग उपस्थित रहे।
इन गांवों में पहुंची यात्रासोमवार को यह यात्रा बडागांव विकासखण्ड के पाली, केशवपुर, मवईगिर्द, दौन, लक्ष्मणपुरा पहुची, जहां मतदाताओं को पम्पलेट, पोस्टर, दीवार लेखन, भाषण चर्चा, गीतों के माध्यम से ग्रामीणों को योग्य ईमानदार एवं अच्छे और सच्चे प्रत्याशियों को आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान देने के लिए जागरूक किया।
