प्रयागराज । कोरोना महामारी के बीच गंगा में लगातार मिल रहे शवों पर बिछी पीली और गेरुआ चादरें सफेद रेत पर उभरकर दिख रही हैं। गंगा किनारे हो रही इस कार्रवाई पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने एक वीडियो ट्वीट कर लिखा, “जब वे जीवित थे तो उन्हें उचित चिकित्सा नहीं मिली। उनमें से कई को सम्मानजनक अंतिम संस्कार भी नहीं मिला, और न ही सरकारी आंकड़ों में कोई स्थान। अब उनकी कब्रों से रामनामियों (पवित्र कफन) को भी हटाया जा रहा है।”
उन्होंने ट्वीट किया, ”अपनी छवि चमकाने की चिंता से क्षीण हुई सरकार अब पाप करने पर उतर आई है। यह कैसा स्वच्छता अभियान है? यह अपमान है: मृतकों का, आस्था का, मानवता का।”
प्रयागराज में नगर निगम के कर्मचारियों ने इन जगहों को चिह्नित कर शव दफनाते वक्त इस्तेमाल किए जाने वाले बांस के ठूंठों को भी हटा दिया। इसपर प्रयागराज प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि यह एक सफाई अभियान का हिस्सा था। बीते दिनों आई रिपोर्ट्स में बताया गया था कि मृतकों को कई कारणों से नदियों में विसर्जित किया जा रहा था। जिसमें रिश्तेदारों की दाह संस्कार करने में असमर्थता, जलाऊ लकड़ी की कमी और कोरोना की दूसरी लहर में श्मशान घाट में शवों के अंबार के चलते लोगों ने शवों को गंगा में बहा दिया था।
UP News : अपनी छवि चमकाने की चिंता से क्षीण हुई यूपी सरकार अब पाप करने पर उतर आई है – प्रियंका गांधी
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