वाराणसी/चंदौली (हि.स.)। चंदौली जिले के बलुआघाट पर मंगलवार को अंत्येष्टि क्रिया में भाग लेने आये पॉच किशोर गंगा नदी में नहाते समय डूब गये। यह देख साथ आये लोगों ने शोर मचाया तो मौके पर मौजूद मांझियों ने मानवता का परिचय देते हुए तत्परता दिखा तीन किशोरों को तो किसी तरह बचा लिया। वहीं, दो अन्य किशोर गंगा के तेज धारा में बह गये। क्षेत्रीय मांझी, पुलिस और परिजनों के साथ किशोरों की तलाश में जुट गये। हादसे से किशोरों के घर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिजन और घर की महिलाएं भी रोते-बिलखते बलुआ घाट पर पहुंच गई।
बेला गांव की वृद्ध महिला फेंकना देवी की सुबह मौत हो गई थी। उनके अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए गांव वालों के साथ वृद्धा के किशोरवय पड़ोसी रवि, दीनदयाल, राहुल, किशन और महेश भी बलुआ घाट आए थे। वृद्धा की चिता में आग लगने के बाद वहां से कुछ दूर ग्रामीणों के साथ पांचों किशोर भी गंगा नदी में नहाने लगे। इस दौरान गंगा के बाढ़ के पानी में पांचों जलक्रीड़ा करने लगे। पानी के तेज बहाव का अंदाजा न लगा पाने पर पॉचों किशोर लहरों में समा गये। यह देख साथ आये लोगों ने शोर मचाया तो वहां मौजूद मल्लाहों ने दीनदयाल, राहुल और किशन को लहरों के भंवर से निकाल लिया। वहीं, रवि (15) और महेश (17) गंगा के तेज धारा की गहराई में समा गये। घंटों प्रयास के बाद भी दोनों का कुछ पता नही चल पाया।
मौके पर मौजूद क्षेत्रीय थानाध्यक्ष ने किशोरों की तलाश में पुलिस गोताखोरों को भी बुलाया। डूबे किशोर महेश के पिता वीरेंद्र राम, मां सूखा देवी, रवि के पिता केदार राम और परिवाार के अन्य महिलाओं के कातर चित्कार से घाट पर मौजूद लोगों की आंखें नम रही।
