Saturday, March 7, 2026
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UP News:श्रावस्ती समेत चार जिलों के खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी निलम्बित

प्रादेशिक डेस्क

लखनऊ। प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह तथा विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने मंगलवार को खादी भवन में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। सरकार की मंशा के विपरीत स्वरोजगारपरक योजनाओं में लक्ष्य हासिल नहीं करने और कार्यों में शिथिलता बरतने पर एटा, श्रावस्ती, महाराजगंज और गौतमबुद्धनगर (नोए़डा) के जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया। सुल्तानपुर के जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।
इस बैठक में मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री माटी कला रोजगार योजना की समीक्षा के दौरान पाया गया कि एटा, श्रावस्ती, महाराजगंज एवं गौतमबुद्धनगर के अधिकारी विभाग द्वारा संचालित इन योजनाओं का लाभ लोगों को देने में शिथिलता बरत रहे हैं। योजना के निर्धारित वार्षिक लक्ष्य में सभी 75 जनपदों के सापेक्ष इन जनपदों का सबसे निम्न स्तर का प्रदर्शन रहा है। पूर्व की बैठकों में भी इन जनपदों के अधिकारियों को चेतावनी पहले दी गई थी। चेतावनी के बाद भी सुधार नहीं पाए जाने पर चारों को निलंबित करने का आदेश दिया गया। सुल्तानपुर के जिला ग्रामोद्योग अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि और गोरखपुर के डीवीआईओ को किसी अन्य जनपद के स्थानान्तरित करने के भी निर्देश दिए गए।

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समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश की सरकारें समाज के कमजोर वर्ग के प्रोत्साहन के लिए योजनाएं संचालित कर रही हैं। इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रदेश की वर्तमान सरकार की मंशानुसार अपनी कार्य संस्कृति और आचरण में बदलावा लाना होगा। अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने कहा कि खादी के सभी प्रोडक्शन सेंटर को रेमंड जैसी बड़ी सप्लाई चेन से कनेक्ट कराने की कोशिश की जा रही है। बोर्ड के अपने ही प्रोडक्शन सेंटर में सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए खादी यूनीफार्म तैयार कराए जाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए खादी बोर्ड के सभी प्रोडक्शन सेंटरों को उच्चीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थापित सभी कंबल कारखानों को पुनः शुरू कराया गया है और इनमे तैयार कंबल की मांग तेजी बाजार में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले से स्फूर्ति योजना के लिए एक-एक प्रास्ताव जरूर आना चाहिए। यह प्रस्ताव 31 मार्च से पहले भारत सरकार को भेजे जाएंगे।

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