प्रादेशिक डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों के बीच जोड़-तोड़ का खेल शुरू हो गया है। ताजा घटनाक्रम में ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी बुधवार को ओम प्रकाश राजभर के ‘भागीदारी संकल्प मोर्चा’में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यूपी में विधानसभा चुनाव उनकी पार्टी राजभर की लीडरशिप में लड़ेगी। जल्द ही वे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से भी मुलाकात करेंगे।
राजधानी के एक होटल में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर से बातचीत के बाद ओवैसी ने मीडिया से भी बात की। उन्होंने कहा कि राजनीति के दौर में दो नेता एक जगह मिलते हैं तो उसका अर्थ आप लोग जानते हैं। यकीनन हमारी आज बातचीत हुई है। एआईएमआईएम भागीदारी मोर्चा के साथ रहेगी। जनवरी में प्रोग्राम बनेगा और मीटिंगें होंगी। बिहार में जो कामयाबी उनकी पार्टी मिली, उसमें राजभर का भी योगदान रहा है। बिहार की कामयाबी से हौसला मिला है। उस सिलसिले को जारी रखना चाहेंगे। ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए आरोपों पर ओवैसी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में अभी तो उन्होंने कमेटी बनाई है। ममता बनर्जी का सामना अब तक मीर जाफरों से हुआ है, किसी सच्चे मुसलमान से नहीं पड़ा है। ओवैसी को कोई दौलत से नहीं खरीद सकता है। वे बौखलाहट की शिकार हो चुकी हैं। ममता अपने घर की फिक्र करें। उनके कितने लोग बीजेपी में जा रहे हैं। पार्लियामेंट के चुनाव में वहां 17 बीजेपी जीत गई। तब हम तो वहां थे भी नहीं। ममता की पार्टी में बहुत गड़बड़ है।
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भाजपा की ‘बी’ टीम होने के आरोपों पर ओवैसी बोले कि ऐसे आरोप लगते रहेंगे। बिहार चुनाव में उनके प्रत्याशियों के कारण भाजपा को कोई फायदा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ हैदराबाद के जिस वार्ड में गए थे, बीजेपी वहां के तीनों वार्ड में चुनाव हार गई। अमित शाह जहां गए थे, उस वार्ड में भी बीजेपी हारी। मेरी जितनी सीटें थी, उतनी इस चुनाव में भी आ गईं। मैं यहां पर नाम बदलने नहीं दिल जीतने आया हूं। लोकसभा चुनाव में हम यहां नहीं लड़े तो भी बीजेपी इतनी सीटें जीत गई। उन्होंने कहा कि शिवपाल सिंह यादव यूपी के बड़े नेता हैं। उनसे भी जरूर मुलाकात होगी। गौरतलब है कि ओम प्रकाश राजभर और बाबू सिंह कुशवाहा की अगुवाई वाले भागीदारी संकल्प मोर्चा में अब तक आठ दल थे। अब ओवैसी के आने से मोर्चा के घटक दलों की संख्या नौ हो गई है। ओम प्रकाश राजभर ने पिछले दिनों गठबंधन के मुद्दे पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से भी मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि शिवपाल सिंह यादव भी बहुत जल्द घटक दल का हिस्सा होंगे। ऐसा होने पर शिवपाल, ओवैसी, राजभर और कुशवाहा के नेतृत्व में यह मोर्चा अहम हो जाएगा।
डॉ. मन्नान ने थामा एआईएमआईएम का हाथ
बलरामपुर जिले के निवासी तथा पीस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अब्दुल मन्नान ने पार्टी छोड़ दी है। मन्नान ने असदुद्दीन ओवैसी व प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली की मौजूदगी में लखनऊ में एआईएमआईएम पार्टी का दामन थाम लिया है। डॉ. अब्दुल मन्नान ने बताया कि अल्पसंख्यकों के हित की लड़ाई लड़ने के लिए पीस पार्टी में शामिल हुए थे। मौजूदा समय के हालात में अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करने में सफल नहीं हो रहे थे इसीलिए उन्होंने एआईएमआईएम का दामन थामकर अल्पसंख्यकों के हित की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि अभी सदस्यता ली है। बलरामपुर पहुंचकर पार्टी में अपनी स्थिति के बारे में आम जनता को अवगत कराएंगे।
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