प्रादेशिक डेस्क
गोरखपुर। कोरोना के खौफ के चलते पैरोल पर छूटे 26 में से 20 कैदी अब भी लापता हैं। पैरोल समाप्त होने के बाद भी ये अभी तक गोरखपुर जेल नहीं लौटे हैं। इनमें से ज्यादातर हत्या, गैर इरादतन हत्या और चोरी के जुर्म में सजायाफ्ता हैं। तय समय पर सिर्फ तीन कैदियों ने ही जेल में आमद दर्ज कराई। हालांकि जब जेल प्रशासन ने उनके यहां चिट्ठी भेजी तो तीन और कैदी जेल लौट आए। अब जेल न लौटे कैदियों के बारे में जिला प्रशासन के साथ ही उनके थाने की पुलिस को भी जेल प्रशासन ने चिट्ठी लिखकर अवगत कराया है। जेल सूत्रों के मुताबिक अब इन कैदियों को गिरफ्तार कर जेल में दाखिल कराया जा सकता है।
जेल में कोरोना संक्रमण फैलने से बचाने को मार्च के अन्तिम हफ्ते से बंदियों और कैदियों की भीड़ कम करने की कोशिशें शुरू हुई थीं। इसके तहत शुरुआती दिनों में कुछ कैदियों को पैरोल पर छोड़ा गया। कैदियों की पैरोल अवधि कई बार पूरी भी हुई पर कोरोना के खतरे देखते हुए हर बार बढ़ती रही। कोर्ट के आदेश पर उन्हें राहत मिलती रही। करीब आठ महीने या उससे अधिक समय तक पैरोल पर बाहर रह चुके 26 कैदियों को अवधि पूरी होने पर इस बार जेल प्रशासन ने जेल लौटने के लिए नोटिस जारी किया। जेल सूत्रों के मुताबिक 26 लोगों को नोटिस भेजा गया पर अब तक सिर्फ छह कैदी ही जेल लौटे हैं। अन्य की तरफ से जेल प्रशासन को कोई सूचना भी नहीं दी गई। कैदियों में कोरोना संक्रमण का खतरा देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी जेलों से सात साल से कम सजा वाले कैदियों, बंदियों और आदर्श बंदियों को पैरोल पर रिहा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डीजी जेल ने सभी जेलों से ऐसे बंदियों और कैदियों की सूची मांगी थी। गोरखपुर जेल प्रशासन ने सात साल की सजा पा चुके कैदियों, सात साल से कम सजा के अपराध वाले आरोप में विचाराधीन बंदियों की सूची भेजी थी। शुरुआत में 26 कैदियों को पैरोल पर छोड़ा गया था, जबकि बंदियों को जेल में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जमानत दी जाने लगी थी।
पैरोल पर छोड़े गए कैदियों में गोरखपुर के अलावा जौनपुर, चित्रकूट, संतकबीरनगर, अररिया, महराजगंज, बलरामपुर, पश्चिमी चम्पारण, बिहार, सीवान, बिहार, बेतिया, बिहार के भी कैदी शामिल हैं। जिला पुलिस ने कोरोना काल में सभी कैदियों को उनके घरों तक पहुंचवाया था। बिहार के अलावा प्रदेश के बाहर के अन्य जिलों के कैदियों के न लौटने पर उन्हें पकड़ने की चुनौती बनी हुई है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी का कहना है कि 26 कैदियों को पैरोल मिली थी। उनकी समय अवधि पूरी होने के बाद उन्हें जेल में लौटने को नोटिस भेजा गया था पर अब तक सिर्फ छह कैदी ही लौटे हैं। अन्य के बारे में जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है। उन्हें पकड़ कर जेल में दाखिल कराने के लिए थानों को भी चिट्ठी लिखी गई है।
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