Tuesday, January 13, 2026
Homeउत्तर प्रदेशUP News:अब हर PhD शोधार्थी के लिए अनिवार्य हुआ पेडगॉजी कोर्स

UP News:अब हर PhD शोधार्थी के लिए अनिवार्य हुआ पेडगॉजी कोर्स

प्रादेशिक डेस्क

लखनऊ। अब हर पीएचडी करने वाले शोधार्थी को आठ क्रेडिट का पेडगॉजी कोर्स करना अनिवार्य होगा। इस कोर्स के माध्यम से शोधार्थियों को करिकुलम की समझ, उसमें संशोधन, क्लास रूम में छात्रों से जुड़ने और मूल्यांकन में तकनीकी को समझने का मौका मिलेगा। नई शिक्षा नीति में इसे अनिवार्य किया गया है। यह जानकारी सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन (सीआई) दिल्ली के प्रो. पंकज अरोड़ा ने दी। वह रविवार को डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। ’राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दर्पण में समतामूलक समावेशी शिक्षा एवं अध्यापक’ विषय पर हुए सेमिनार में प्रो. पंकज अरोड़ा ने कहा कि अभी तक उच्च शिक्षा में जो अभ्यर्थी अध्यापक बनने आते हैं, वह पीएचडी और यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण होते हैं। लेकिन अक्सर उनमें करिकुलम, किस समाज क्लास रूम में छात्रों से जुड़ने सहित कई चीजें हैं या नहीं, यह नहीं देखने को मिलती हैं। इसलिए नई शिक्षा नीति में पैडोगॉजी कोर्स शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में समावेशी शिक्षा का प्राविधान किया गया है। यानी सभी वर्ग को साथ लेकर चलना। इसमे ट्रांस जेंडर के शैक्षिक अधिकारों से लेकर तीन से 15 साल तक के बच्चों के लिए स्कूल स्ट्रक्चर को भी प्राथमिकता दी गई है, ताकि सभी वर्ग के लोग एक समान शिक्षा हासिल कर सकें। सभी बच्चे अपने आप में यूनीक हैं। अलग-अलग भिन्नताएं होती हैं। हर बच्चे के सीखने का तरीका भी अलग होता है। उन्हें सिखाने से पहले का वातावरण विकसित करने का तरीका भी पॉलिसी में शामिल किया गया है।

हमारी अन्य खबरों को पढ़ने के लिए www.hindustandailynews.com पर क्लिक करें।


दिव्यांगजन विभाग के विशेष सचिव अजीत कुमार ने कहा कि सबसे अच्छा शिक्षक वही जो इंस्पायर करता हो। अध्यापक और अभिभवक ऐसे हैं जो अपने बच्चे को ऊंचा देखना चाहते हैं। जो दोनों का आदर नहीं करता, वो आगे नहीं बढ़ सकता। इसलिए उनकी सुनिए। अनुभव लीजिए। जानिए जरूर। किसी भी चीज की धारणा पहले से न बनाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सभी को साथ लेकर चलना जरूरी है। तभी समाज की तस्वीर बदलेगी। आज टेक्नोलॉजी का युग है। शिक्षा भी इसी से जुड़ी होनी चाहिये। दिव्यांगों को भी सामान्य बच्चों की तरह पढ़ना चाहिए। उनके साथ व्यवहार भी वैसा ही होना चाहिए। श्रवण बाधित बच्चों के लिए एक ही लैंग्वेज होनी चाहिए। टीचर्स ट्रेनिंग ऐसी हो ताकि दिव्यांग बच्चों को अच्छे से पढ़ाया जा सके। स्कूल वातावरण भी दिव्यांग फ्रेंडली हो। आगे बढ़ने के लिए चुनौतियां बहुत है। इसलिए आप बेस्ट करने की कोशिश करिए। अपनी किसी भी कमजोरी को शक्ति बनाइये।

यह भी पढें : दूल्हे को मंडप में छोड़ भागी दुल्हन, पिता ने करा दी छोटी नाबालिग बेटी की शादी

आवश्यकता है संवाददाताओं की

तेजी से उभरते न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com को गोण्डा जिले के सभी विकास खण्डों व समाचार की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों तथा देवीपाटन, अयोध्या, बस्ती तथा लखनऊ मण्डलों के अन्तर्गत आने वाले जनपद मुख्यालयों पर युवा व उत्साही संवाददाताओं की आवश्यकता है। मोबाइल अथवा कम्प्यूटर पर हिन्दी टाइपिंग का ज्ञान होना आवश्यक है। इच्छुक युवक युवतियां अपना Application निम्न पते पर भेजें : jsdwivedi68@gmail.com
जानकी शरण द्विवेदी
मोबाइल – 9452137310

कलमकारों से ..

तेजी से उभरते न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com पर प्रकाशन के इच्छुक कविता, कहानियां, महिला जगत, युवा कोना, सम सामयिक विषयों, राजनीति, धर्म-कर्म, साहित्य एवं संस्कृति, मनोरंजन, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं तकनीक इत्यादि विषयों पर लेखन करने वाले महानुभाव अपनी मौलिक रचनाएं एक पासपोर्ट आकार के छाया चित्र के साथ मंगल फाण्ट में टाइप करके हमें प्रकाशनार्थ प्रेषित कर सकते हैं। हम उन्हें स्थान देने का पूरा प्रयास करेंगे :
जानकी शरण द्विवेदी
सम्पादक
E-Mail : jsdwivedi68@gmail.com

RELATED ARTICLES

Most Popular