रायबरेली(हि.स.)। सोनिया गांधी के गढ़ रायबरेली में कांग्रेस को पंचायत चुनावों के पहले बड़ा झटका लगा है। पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव व पीसीसी सदस्य सहित 35 नेताओं ने अपना त्यागपत्र सीधे सोनिया गांधी को भेजा है। इन नेताओं ने जिलाध्यक्ष पर पदाधिकारियों के चयन और दूसरे दलों के नेताओं को तवज्जों देने का आरोप लगाया है। पहले से ही रायबरेली में बगावत झेल रही कांग्रेस के लिए इससे मुश्किलें और बढ़ सकती है।
दरअसल, दो दिन पहले कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों की सूची सामने आई है जिसमें कई नए चेहरों को शामिल किया गया है। इस बात से पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी सामने आ गई और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव शिव कुमार पांडे, युवक कांग्रेस की पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष साधना सिंह, जिला महिला कांग्रेस की सचिव रानू देवी सहित 35 नेताओं ने अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया। इन नेताओं ने अपना त्यागपत्र सीधे सोनिया गांधी को भेंजे हैं।
इन बागी नेताओं का नेतृत्व करने वाले शिवकुमार पांडे ने कहा कि पार्टी में अनुभवहीन और दूसरे दलों के लोगों को तवज्जो दी जा रही है। अनुभवी और पुराने लोगों को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने जिला अध्यक्ष पर आरोप लगाया कि पदाधिकारियों के चयन में निर्धारित 45 वर्ष की आयु सीमा का भी उल्लंघन किया गया है। इन नेताओं ने कांग्रेस नेताओं पर ही अमेठी जैसी साजिश रचने का भी आरोप लगाया है।
उधर पार्टी के इस नई बगावत को लेकर कोई जिम्मेदार बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि कांग्रेस के लिए यह नई मुसीबत जरूर है जिसका असर पंचायत चुनाव में जरूर पड़ सकता है।
रजनीश/राजेश
Submitted y: Edited By: Rajesh Kumar Tiwari
