28,000 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वायुमंडल में प्रवेश करेगा shubhanshu shukla return स्पेसक्राफ्ट
भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और Axiom-4 मिशन के तीन अन्य यात्रियों का ऐतिहासिक shubhanshu shukla return शुरू हो चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर 18 दिन बिताने और गहन वैज्ञानिक प्रयोगों के बाद शुभांशु शुक्ला ने सोमवार शाम भारतीय समयानुसार 4:35 बजे SpaceX के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में बैठकर धरती के लिए उड़ान भरी। अनुमान है कि shubhanshu shukla return के तहत यह स्पेसक्राफ्ट करीब 22-23 घंटे की यात्रा के बाद कैलिफोर्निया के समुद्री तट पर स्प्लैशडाउन करेगा।
Axiom-4 मिशन में शुभांशु शुक्ला के साथ कमांडर पैगी व्हिटसन, स्लावोस्ज उज़्नान्स्की-विल्निविस्की और टिबोर कापू भी शामिल हैं। shubhanshu shukla return का यह सफर कई तकनीकी चुनौतियों से भरा है, परंतु स्पेसएक्स ड्रैगन की उन्नत तकनीक इसे पूरी तरह सुरक्षित बनाती है।
ड्रैगन क्यों बदल जाता है आग के गोले में?
जब shubhanshu shukla return के दौरान ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट वायुमंडल में प्रवेश करता है, तब इसकी रफ्तार करीब 28,000 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। वायुमंडल से घर्षण के कारण यह आग के गोले में बदल जाता है। तापमान लगभग 3,500 डिग्री फैरनहाइट तक पहुंच जाता है। इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों पर धरती के गुरुत्वाकर्षण बल से चार गुना ज्यादा दबाव पड़ता है। यही वजह है कि ड्रैगन को बेहद मजबूत और उच्च तकनीक से तैयार किया गया है ताकि वापसी के दौरान अंदर बैठे यात्रियों को कोई नुकसान न हो।
किस चीज से बना है ड्रैगन?
Shubhanshu shukla return के दौरान ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की सबसे बड़ी ताकत है उसका निर्माण। इसका प्राइमरी स्ट्रक्चर कार्बन फाइबर रिइंफोर्स्ड पॉलिमर (CFRP) से बना है, जो हल्के होने के साथ-साथ बेहद मजबूत होता है। कैप्सूल के बाहरी हिस्से पर मल्टीलेयर इंसुलेशन (MLI) कंबल लपेटा गया है, जो तापमान को नियंत्रित रखता है। ड्रैगन की हीट शील्ड PICA-X नामक विशेष मैटेरियल से बनी है, जो वायुमंडल में फिर से प्रवेश के दौरान थर्मल सुरक्षा प्रदान करती है। इसी वजह से यात्रियों को भीतर गर्मी महसूस नहीं होती और वे सुरक्षित रहते हैं।
यह भी पढें: Shubhanshu Shukla Return का सफर शुरू, कल होगी सुरक्षित वापसी
कैसे होता है सिस्टम चेक और अनडॉकिंग?
Shubhanshu shukla return में सबसे अहम स्टेप होता है सिस्टम चेक। प्रोपल्शन, नेविगेशन, कम्युनिकेशन और लाइफ सपोर्ट सिस्टम की बारीकी से जांच की जाती है। सभी कनेक्शन डीएक्टिवेट कर अनडॉकिंग की अनुमति मिशन कंट्रोल से ली जाती है। इसके बाद ड्रैगन धीरे-धीरे स्पेस स्टेशन से अलग होता है और रॉकेट इंजन ऑन कर उसे सेफ जोन में ले जाता है। यह प्रक्रिया बेहद सटीकता से होती है ताकि किसी भी प्रकार का जोखिम न रहे।
क्यों खास है shubhanshu shukla return का यह मिशन?
Shubhanshu shukla return सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए गौरव का विषय है। इस मिशन में वैज्ञानिकों ने स्पेस में जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रयोग किए हैं। इन प्रयोगों के नतीजे भविष्य में अंतरिक्ष मिशनों और वहां मानव जीवन की संभावनाओं के लिए बेहद कारगर साबित होंगे। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में कुल 7 यात्रियों की सीटिंग कैपेसिटी है, लेकिन इस मिशन में चार ही यात्री शामिल हैं। यह यान अब तक 51 मिशन पूरे कर चुका है और यह बार-बार इस्तेमाल होने वाला स्पेसक्राफ्ट है, जो इसे स्पेस इंडस्ट्री में खास बनाता है।
कब और कहां होगा स्प्लैशडाउन?
Shubhanshu shukla return के तहत ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट का स्प्लैशडाउन मंगलवार को कैलिफोर्निया के समुद्र तट पर निर्धारित है। यह प्रक्रिया मौसम और मिशन कंट्रोल की अनुमति पर निर्भर करेगी। स्प्लैशडाउन के तुरंत बाद रिकवरी टीम कैप्सूल को सुरक्षित करेगी और यात्रियों को बाहर निकालेगी।
यह भी पढें: Railway CCTV security: अब हर कोच में होगा डिजिटल पहरा
पोर्टल की सभी खबरों को पढ़ने के लिए हमारे वाट्सऐप चैनल को फालो करें : https://whatsapp.com/channel/0029Va6DQ9f9WtC8VXkoHh3h अथवा यहां क्लिक करें : www.hindustandailynews.com
कलमकारों से .. तेजी से उभरते न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com पर प्रकाशन के इच्छुक कविता, कहानियां, महिला जगत, युवा कोना, सम सामयिक विषयों, राजनीति, धर्म-कर्म, साहित्य एवं संस्कृति, मनोरंजन, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं तकनीक इत्यादि विषयों पर लेखन करने वाले महानुभाव अपनी मौलिक रचनाएं एक पासपोर्ट आकार के छाया चित्र के साथ मंगल फाण्ट में टाइप करके हमें प्रकाशनार्थ प्रेषित कर सकते हैं। हम उन्हें स्थान देने का पूरा प्रयास करेंगे : जानकी शरण द्विवेदी सम्पादक मोबाइल 09452137310 E-Mail : jsdwivedi68@gmail.com
