E-KYC प्रक्रिया से छात्रवृत्ति योजनाएं हुईं जटिल, वन टाइम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
बदले Scholarship Rules के कारण बिना आधार प्रमाणीकरण नहीं मिलेगा वजीफे का लाभ
जानकी शरण द्विवेदी
गोंडा। वित्तीय वर्ष 2025-26 से केंद्र सरकार की दशमोत्तर एवं पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजनाओं को लेकर Scholarship Rules में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इस योजना का लाभ पाने के लिए सभी छात्रों को आधार आधारित बायोमैट्रिक ई-केवाईसी तथा वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इस व्यवस्था के तहत अब छात्रवृत्ति पाने की प्रक्रिया पूर्व की तुलना में अधिक तकनीकी, केंद्रीकृत और सख्त हो गई है, जिससे हजारों छात्रों और शिक्षण संस्थानों पर अनिश्चितता का संकट गहरा गया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह के अनुसार, 29 मई 2025 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार ने इस नई व्यवस्था को लागू करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि बिना आधार आधारित ई-केवाईसी के कोई भी छात्रवृत्ति का लाभ नहीं ले पाएगा। साथ ही, छात्रों के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों के प्रमुख (HOI) और नोडल अधिकारी (SNO/DNO/INO) को भी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस नियम का सीधा असर छात्रवृत्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता और पहचान सत्यापन पर पड़ेगा, परंतु इससे तकनीकी चुनौतियां भी उत्पन्न हो रही हैं।
OTR के दौरान छात्र का व्यक्तिगत विवरण सीधे आधार डाटाबेस से फेच होगा, जिसके चलते यदि आधार में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो संबंधित शिक्षण संस्थान को समय रहते उसे ठीक कराना होगा। ऐसे में जिन छात्रों के दस्तावेज़ों में मामूली गड़बड़ी भी है, उनके लिए यह प्रक्रिया बाधा बन सकती है। जिला प्रशासन ने इस पर चिंता जताते हुए सभी संस्थानों को समय से प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
AISHE और UDISE कोड की वैधता भी अनिवार्य
नई Scholarship Rules के अनुसार, केवल वही संस्थान छात्रवृत्ति योजनाओं में शामिल हो सकेंगे जिनके पास मान्य और सक्रिय AISHE, UDISE, और NCVT/SCVT कोड मौजूद हैं। इसके साथ ही यदि कोई संस्थान एक से अधिक विश्वविद्यालयों से संबद्ध है, तो उसे सभी संबद्ध विश्वविद्यालयों की जानकारी AISHE पोर्टल पर समय से अपडेट करनी होगी। शिक्षा मंत्रालय द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की तकनीकी देरी या डेटा त्रुटि छात्रवृत्ति में बाधा बन सकती है।
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ग्रेडिंग न होने पर वंचित होंगे छात्र
छात्रवृत्ति योजना नियमावली 2023 के अनुसार, केवल उन्हीं छात्रों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिलेगा जो केंद्र या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों के NBA (National Board of Accreditation) ग्रेड प्राप्त पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। यदि कोई संस्थान NBA ग्रेड प्राप्त नहीं कर सका है, तो वहां के छात्र Scholarship Rules के अंतर्गत लाभ के पात्र नहीं होंगे।
प्रशासन की अपील और चेतावनी
गोंडा जिला प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों और उनके छात्रों को सचेत करते हुए स्पष्ट किया है कि वे समय रहते e-KYC और OTR की प्रक्रिया पूरी करें। प्रशासन ने कहा है कि यदि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं की जाती, तो छात्र योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं, जिसका असर उनकी उच्च शिक्षा पर पड़ सकता है।
यह स्पष्ट है कि Scholarship Rules में लाए गए बदलावों से छात्रवृत्ति प्रक्रिया अधिक जवाबदेह और पारदर्शी तो बनी है, लेकिन इसकी जटिलताएं ऐसे छात्रों के लिए चुनौती बनकर उभरी हैं, जिनकी डिजिटल पहुंच सीमित है या जिनके दस्तावेजों में त्रुटियां हैं। ऐसे में आवश्यकता इस बात की है कि छात्रों को सही जानकारी और तकनीकी सहायता समय से मिले, ताकि उन्हें अपने अधिकार से वंचित न होना पड़े।
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