Tuesday, January 13, 2026
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रथ यात्रा हादसा: हाथी बेकाबू होने से मची भगदड़, कई घायल!

राज्य डेस्क

अहमदाबाद। गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की 147वीं रथ यात्रा के दौरान उस समय हादसा हो गया, जब खड़िया गोलावड़ इलाके में तेज़ डीजे साउंड और भीड़ की हलचल से एक हाथी बेकाबू हो गया। रथ यात्रा हादसा के दौरान देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और अफरा-तफरी में एक मीडियाकर्मी समेत कई श्रद्धालु घायल हो गए।

हाथी के बेकाबू होते ही रथ यात्रा को करीब 15 मिनट के लिए रोकना पड़ा। इस घटना से जहां सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं, वहीं मौके पर मौजूद वन विभाग और चिड़ियाघर अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई ने किसी बड़े रथ यात्रा हादसे को टाल दिया।

डीजे की आवाज बनी हादसे की वजह
रथ यात्रा में इस बार 18 हाथियों को विशेष रूप से शामिल किया गया था। वे रथों से पहले चल रहे थे। जैसे ही जुलूस खड़िया गोलावद इलाके में पहुंचा, वहां डीजे की आवाज अचानक तेज़ हो गई, जिससे तीन हाथी विचलित हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथियों ने झुंड से अलग होकर सड़क की दूसरी ओर भागना शुरू कर दिया।

इसी दौरान एक हाथी ने अफरातफरी में दो लोगों को अपनी सूंड से धकेल दिया, जिसमें एक मीडियाकर्मी भी घायल हुआ। भीड़ में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई, लेकिन गनीमत रही कि किसी को जानलेवा चोट नहीं आई। रथ यात्रा हादसा के बाद कुछ देर के लिए रथ यात्रा बाधित हो गई!

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15 मिनट तक ठप रही यात्रा
रथ यात्रा हादसा होते ही वन विभाग की टीम और चिड़ियाघर अधीक्षक मौके पर पहुंच गए। डॉक्टरों की सहायता से गजराज को ट्रैंक्विलाइज़र इंजेक्शन देकर नियंत्रित किया गया। बेकाबू हाथी को रस्सियों से बांधकर साइड में ले जाया गया और 15 मिनट बाद रथ यात्रा को दोबारा शुरू किया गया। 108 एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंचाई गई और घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया।

केंद्रीय गृह मंत्री का परिवार रहा मौजूद
इस रथ यात्रा की शुरुआत मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने की थी! वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के परिवार ने मंदिर परिसर में मंगला आरती में भाग लिया। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को रथों पर विराजमान करने की प्रक्रिया सुबह 5 बजे शुरू हुई, जिसके बाद सात बजे यात्रा प्रारंभ हुई। गजराजों के साथ भव्य रथयात्रा को देखने के लिए लाखों श्रद्धालु सड़कों पर जमा थे। रथ यात्रा हादसा के दौरान अमित शाह का परिवार भी मौजूद था!

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भीड़ और तेज़ साउंड से गजराज हो रहे असहज
रथ यात्रा हादसा के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भारी भीड़ और अत्यधिक ध्वनि वाले डीजे गजराज जैसे शांत जानवरों के लिए असुरक्षित हैं? क्या हाथियों के साथ चलने वाली सुरक्षा टीम को और ज्यादा सतर्क रहना चाहिए था?

वन विभाग की मानें तो इस प्रकार की घटनाओं की संभावना पहले से होती है, इसलिए प्रत्येक हाथी के साथ महावत, डॉक्टर और फोर्स रखी जाती है। फिर भी भीड़ के अत्यधिक पास जाने या लाउड साउंड से हाथी तनाव में आ सकते हैं।

रथ यात्रा हादसा बना चेतावनी
इस रथ यात्रा हादसे ने प्रशासन को एक बार फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आने वाले वर्षों की यात्रा में पशु सहभागिता की भूमिका कैसी होनी चाहिए। क्या गजराजों की संख्या सीमित होनी चाहिए? क्या डीजे या अन्य उच्च ध्वनि स्रोतों पर नियंत्रण आवश्यक है? फिलहाल राहत की बात यह रही कि गजराज को समय रहते काबू कर लिया गया, और रथ यात्रा सुचारू रूप से पूर्ण हुई।

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