Tuesday, January 13, 2026
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Railway Wagon Maintenance: गोंडा ROH डिपो की अनोखी उपलब्धियाँ

सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने में गोंडा ROH डिपो ने तोड़ा सभी रिकॉर्ड

अतुल भारद्वाज

गोंडा। रेलवे की सुरक्षा और विश्वसनीयता को मजबूत करने में गोंडा routine overhauling (ROH) डिपो ने अभूतपूर्व कामयाबी हासिल की है। मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर महेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह डिपो आज पूर्वोत्तर रेलवे का गर्व माना जाता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि गोंडा ROH डिपो न केवल routine railway wagon maintenance का प्रमुख केंद्र है बल्कि यह प्रीमियम रेक परीक्षण और अनुरक्षण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

रेलवे वैगनों की सुरक्षा का गढ़
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि ROH, हर POH (periodic overhauling) या निर्माण के दो साल बाद किया जाता है। इसके अंतर्गत वैगनों के अंडर गियर और बॉडी के अहम हिस्सों जैसे व्हील और एक्सल, CTRB, एयर ब्रेक सिस्टम और कप्लर की मरम्मत और जांच की जाती है। यह प्रक्रिया railway wagon maintenance को नई मजबूती देती है और परिचालन के दौरान होने वाली विफलताओं को कम करती है। गोंडा ROH डिपो में मुख्य रूप से BCN, BRN और BVCM प्रकार के वैगनों का अनुरक्षण किया जाता है।

उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त
गोंडा ROH डिपो ने 1984 से अब तक कई मील के पत्थर पार किए हैं। 1984 में पहली बार रेक परीक्षण शुरू हुआ, मई 2006 में प्रीमियम रेक परीक्षण की शुरुआत हुई। फरवरी 2019 में डिपो का शुभारंभ 10 वैगनों प्रति माह के लक्ष्य के साथ हुआ। मार्च 2019 में पहले वैगन का ROH कार्य पूरा किया गया। इसके बाद मार्च 2021 में 47, मार्च 2022 में 103, मार्च 2025 में 154 और अगस्त 2025 तक सर्वाधिक 169 वैगनों का ROH पूरा किया गया। यह आंकड़े गोंडा डिपो की कार्यक्षमता और railway wagon maintenance के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

प्रीमियम रेक परीक्षण में अव्वल
गोंडा डिपो पूर्वोत्तर रेलवे का इकलौता केंद्र है जो प्रीमियम रेक परीक्षण और ROH दोनों का जिम्मा संभाल रहा है। यहां की आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक सुविधाएं और समर्पित टीम रेलवे संचालन को और अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बना रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि गोंडा ROH डिपो railway wagon maintenance का राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण बन चुका है।

भविष्य की तैयारियां
महेश गुप्ता ने कहा कि गोंडा ROH डिपो अपनी railway wagon maintenance की अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट नहीं है। भविष्य में इसकी क्षमता को और बढ़ाया जाएगा ताकि और अधिक वैगनों का अनुरक्षण और प्रीमियम रेक परीक्षण हो सके। डिपो का लक्ष्य है कि रेलवे परिचालन को और अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और कुशल बनाया जाए।

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