रात में बंद रहेगा प्रमुख मार्ग, प्रशासन ने दिए सख्त आदेश
शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्णागिरी धाम को जाने वाला रास्ता रहेगा बंद
राज्य डेस्क
टनकपुर। मां पूर्णागिरी धाम की यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को अब अपनी यात्रा की योजना नए सिरे से बनानी होगी क्योंकि प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से रात के समय मार्ग पर पूरी तरह से रोक लगाने का निर्णय लिया है। बाटनागाड़ के पास सड़क की खराब हालत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अब शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक टनकपुर के ककरालीगेट-ठुलीगाड़ मार्ग से कोई भी वाहन नहीं गुजर सकेगा।
पूर्णागिरी धाम के रास्ते में यह रोक जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एडीएम जयवर्धन शर्मा द्वारा 21 जून को जारी आदेश के तहत लागू की गई है। आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि यह कदम श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से उठाया गया है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र की सड़कों की हालत पहले ही चिंताजनक है और बाटनागाड़ के पास सड़क अत्यंत खराब हो चुकी है।
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आदेश में कहा गया है कि जो कोई भी इस प्रतिबंध का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूर्णागिरी धाम की यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी होते हैं। ऐसे में खराब मौसम में किसी भी अनहोनी से बचने के लिए यह निर्णय अहम माना जा रहा है।
शनिवार को पूर्णागिरी धाम मंदिर समिति ने भी श्रद्धालुओं के लिए एक अहम निर्णय लिया है। समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने जानकारी दी कि मुख्य मंदिर अब रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रहेगा। उन्होंने बताया कि यह कदम बारिश के मौसम में श्रद्धालुओं को असुविधा और संभावित दुर्घटनाओं से बचाने के लिए लिया गया है। यह व्यवस्था आगामी तीन महीने तक लागू रहेगी।
उत्तराखंड के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल पूर्णागिरी धाम हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। टनकपुर से लगभग 20 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई और दुर्गम रास्ते के बावजूद भक्तजन मां के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। ऐसे में यह प्रशासनिक आदेश उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की एक बड़ी पहल है।
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स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। ककरालीगेट के एक ढाबा संचालक हेमंत जोशी ने बताया कि कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर रात में भी आवाजाही करते थे, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती थी। अब पूर्णागिरी धाम मार्ग पर रात के समय पूर्ण रोक लगने से सुरक्षा बढ़ेगी और प्रशासन की सख्ती भी दिखेगी।
आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित मार्ग पर सूचना बोर्ड लगाने, गश्त बढ़ाने और पुख्ता संकेत व्यवस्था करने के निर्देश भी जारी किए हैं। तीर्थ यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा सुबह 6 बजे से पहले या शाम 6 बजे के बाद शुरू न करें।
इस आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले दिनों में बारिश के दौरान पूर्णागिरी धाम की यात्रा अब पूर्व नियोजित तरीके से ही की जा सकेगी। श्रद्धालुओं को मार्ग की स्थिति और समय-सीमा का सख्ती से पालन करना होगा। इससे प्रशासन को भी बेहतर नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी।
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