संवाददाता
गोंडा। जिले के उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के सोनौली मोहम्मदपुर गांव में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया जब घाघरा नदी किनारे भैंस चरा रहे एक किशोर को मगरमच्छ ने नदी में खींच लिया। घटना की भयावहता इतनी अधिक थी कि तमाम ग्रामीणों की मौजूदगी में कोई भी उसे बचाने के लिए पानी में नहीं उतर सका।
मगरमच्छ हमला बना ग्रामीणों की आंखों के सामने दहशत का मंजर
घटना का वीडियो सामने आने के बाद मगरमच्छ हमला फिर चर्चा में है। वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि नदी किनारे खड़े राजा बाबू उर्फ नान यादव (13) को मगरमच्छ ने पहले पैर से दबोचा, फिर गर्दन पकड़ी और नदी में घसीट ले गया। कुछ सेकेंड के लिए बच्चे का सिर पानी के ऊपर दिखा लेकिन जल्द ही वह गायब हो गया। ग्रामीणों के अनुसार, पूरा घटनाक्रम उनकी आंखों के सामने घटा लेकिन कोई उसे बचाने में सफल नहीं हो सका।
7 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, मगरमच्छ हमला से फिर डरे लोग
सूचना मिलने पर मगरमच्छ हमला के मद्देनज़र पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से नदी में जाल डालकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन शाम तक किशोर का कोई सुराग नहीं मिला। उमरी बेगमगंज थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि 7 घंटे सर्चिंग ऑपरेशन चलाने के बाद रात में उसे रोक दिया गया है, सोमवार सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू किया जाएगा।
स्कूल से घर और फिर मौत के मुंह में पहुंचा राजा बाबू
कुंवर बहादुर यादव का पुत्र राजा बाबू उर्फ नान यादव कक्षा 8 में पढ़ता था। वह अपने भाई के साथ घर से करीब 200 मीटर दूर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई करता था। रविवार दोपहर वह घाघरा नदी के किनारे भैंस नहलाने गया था। तभी यह मगरमच्छ हमला हुआ और राजा बाबू की चीखें गांव तक गूंज उठीं।
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प्रत्यक्षदर्शी बोले-बच्चा कुछ समझ पाता उससे पहले मगरमच्छ कर गया वार
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मगरमच्छ नदी से अचानक इतनी तेजी से निकला कि बच्चा कुछ समझ ही नहीं पाया। उसने सीधे राजा बाबू को अपने जबड़ों में जकड़ लिया और पानी में खींच कर ले गया। आसपास मौजूद लोगों ने बच्चे को छुड़ाने की भरसक कोशिश की लेकिन मगरमच्छ की ताकत के आगे सब बेबस हो गए। देखते ही देखते वह किशोर को लेकर नदी में समा गया।
मगरमच्छ हमला बनता जा रहा है आम
स्थानीय निवासियों ने बताया कि मगरमच्छ हमला इस इलाके में अब आम होता जा रहा है। पिछले एक महीने में यह दूसरी ऐसी घटना है। ग्रामीणों के अनुसार, घाघरा नदी में पानी बढ़ने के साथ मगरमच्छों की संख्या भी बढ़ जाती है और वे रिहायशी इलाकों के पास तक आ जाते हैं। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।
प्रशासन मुस्तैद, लेकिन मगरमच्छ हमला से उभरा संकट
घटना की जानकारी मिलते ही उप जिलाधिकारी राजीव मोहन सक्सैना, नायब तहसीलदार जयशंकर सिंह, राजस्व निरीक्षक अवधेश द्विवेदी और लेखपाल रामेश्वर दत्त तिवारी मौके पर पहुंचे। ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह सहित सैकड़ों लोग भी मौके पर मौजूद थे। वन विभाग ने मगरमच्छ की तलाश और बच्चे के शव की बरामदगी के लिए ऑपरेशन तेज कर दिया है।
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