Tuesday, January 13, 2026
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मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय: बनेगा भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और आधुनिक विज्ञान का संगम

विश्वविद्यालय में होगी थारू हिस्ट्री से लेकर क्वांटम साइंस तक की पढ़ाई, 10 संकायों का हुआ सृजन

मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में 35 प्रोफेसर, 70 एसोसिएट प्रोफेसर और 140 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद सृजित

संवाददाता

बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय अब उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत में शिक्षा का नया आयाम गढ़ने जा रहा है। शासनादेश जारी होने के बाद इस विश्वविद्यालय में 10 संकायों का गठन किया गया है। इनमें भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान और तकनीक की शिक्षा भी दी जाएगी।

मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर, फार्मास्यूटिकल साइंस, लैंग्वेज, फाइन आर्ट्स एंड डिजाइन, बिजनेस मैनेजमेंट एंड कॉमर्स, आर्ट्स और साइंस जैसे मुख्य संकाय बनाए गए हैं। विशेष बात यह है कि क्वांटम साइंस एंड टेक्नोलॉजी जैसे नवीनतम विषय भी अब यहां पढ़ाए जाएंगे, जो इस क्षेत्र के लिए बिल्कुल नया अनुभव होगा।

यहां के छात्र मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों के साथ हिंदू स्टडीज, सोशल हार्मोनी, योग दर्शन, स्पिरिचुअल टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट की पढ़ाई भी कर सकेंगे। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय की खासियत यह है कि यह शिक्षा को स्थानीय सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से भी जोड़ता है। नेपाल सीमा से लगे इलाकों की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए थारू हिस्ट्री, कल्चर एंड एम्पावरमेंट विभाग की स्थापना की गई है।

कृषि प्रधान क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के एग्रीकल्चर संकाय में एग्रोफॉरेस्ट्री और शुगरकेन विभाग शामिल किए गए हैं। इसके अलावा पत्रकारिता एवं जनसंचार, एलएलएम (LLM) और एमसीए (MCA) की पढ़ाई भी उपलब्ध होगी।

सरकार ने इससे पहले मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में 245 अस्थायी शैक्षिक पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इनमें 35 प्रोफेसर, 70 एसोसिएट प्रोफेसर और 140 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। इन नियुक्तियों से शिक्षकों की कमी पूरी होगी और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व शोध के अवसर मिलेंगे।

मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने कहा कि यह कदम देवीपाटन मंडल के युवाओं के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। उन्होंने राज्यपाल और मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय प्रदेश का एकमात्र ऐसा संस्थान होगा जहां ऐसे विषय पढ़ाए जाएंगे जो किसी और विश्वविद्यालय में उपलब्ध नहीं हैं। कुलपति ने आश्वस्त किया कि सभी नियुक्तियां शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और आरक्षण नियमों के अनुसार होंगी।

उन्होंने कहा कि यहां तैयार किए गए पाठ्यक्रम स्थानीय सामाजिक और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। इस उपलब्धि से छात्रों को न केवल शिक्षा, बल्कि रोजगार और शोध में भी बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय: बनेगा भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और आधुनिक विज्ञान का संगम

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