लखनऊ (हि.स.) । हजरतगंज पुलिस ने साइबर क्राइम सेल की मदद से पांच जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इन्होंने शहर के सात नामी डॉक्टरों के नाम पर फर्जी दस्तावेज लगाकर ढाई करोड़ रुपये का लोन कराया लिया। पुलिस सरगना की तलाश कर रही है। एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए पांच अभियुक्तों की पहचान लखनऊ के बिजनौर निवासी रितेश शुक्ला, इशान शर्मा, बाराबंकी निवासी अभिमन्यु, मोहित कुमार वर्मा और महेंद्र पांडेय के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि जांच में पता चला है कि बजाज फाइनेंस कंपनी ने कोरोना काल में एमबीबीएस डॉक्टरों के लिए विशेष लोन स्कीम शुरू की है जिसमें डिग्री पर ही कॉल कर लोन दिया जा रहा है। इसके लिए सिर्फ क्रेडिट स्कोर और दस्तावेज की ही जांच की जाती है। इसी दौरान कंपनी ने शहर के दो चिकित्सकों के नाम पर 36 और 35 लाख रुपये का लोन जारी कर दिया। इसके कुछ दिन बाद जब डॉक्टरों के पास मैसेज आने शुरू हुए तो उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से मिलकर इसकी शिकायत की और कहा कि उन्होंने लोन लिया ही नहीं है। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने जांच शुरू की तो मामला सही पाया और उन्होंने जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।कंपनी की रिस्क कवर यूनिट (आरसीयू) के प्रभारी दिनेश शर्मा ने जालसाजों के खिलाफ हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसकी जांच कर रहे अतिरिक्त निरीक्षक राजदेव मिश्रा ने ऐसे जालसाजों को गिरफ्तार कर खुलासा किया है। इन शातिरों ने पांच और डॉक्टरों के नाम पर एक करोड़ 79 लाख रुपये का फर्जी लोन कराया है।
