लखनऊ (हि.स.)। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में मरीजों को मिलने वाली दवाओं को लेकर अस्पताल प्रशासन ने कड़ाई से नये नियम लागू कर दिये हैं। घोटाले के बाद पीजीआई में नियम बदलते हुए ओटीपी को निर्णायक कर दिया गया है।
आज से बदले नियम में ओटीपी जांच के बिना दवा निकालना मुश्किल हो जायेगा। पोस्ट डिपॉजिट खाते से दवा निकालते हुए पहले ओटीपी आयेगी और फिर उसकी जांच होगी। ऐसा करने पर दवा प्राप्त करने वाले व्यक्ति को उसका सीधा लाभ पहुंचेगा।
बुधवार को पीजीआई की तरफ से मीडिया से रुबरु होते हुए डॉ. कुसुम यादव ने बताया कि नये नियम से मरीजों के साथ आने वाले तीमारदार को लाभ मिलेगा। ओटीपी सीधे मोबाइल पर जाएगी और इसके बाद उसका नम्बर बताने पर ही दवा प्राप्त की जा सकेगी। बीते दिनों हुई घटना में डॉक्टरों के फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी प्रिस्क्रिप्शन से दवा निकालने की जानकारी हुई थी।
उन्होंने बताया कि घोटाले प्रकरण की जांच एचआरएफ के चेयरमैन डा. विवेकानंद सारस्वत कर रहे हैं। शुरुआती जांच में मालूम हुआ कि डाटा इंट्री करते हुए ये गड़बड़ियां हुई हैं। करीब 12 डाटा इंट्री ऑपरेटर जांच के घेरे में हैं।
Lucknow News : घोटाले के बाद एसजीपीजीआई में बदला नियम, ओटीपी होगी निर्णायक
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