लखनऊ (हि.स.)। लखनऊ में स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर अमृत योजना के तहत तमाम विकास कार्य हो रहे हैं। इसी में बलरामपुर चिकित्सालय के सामने सड़क को खोदकर उसमें पाइप बिछाने का कार्य हुआ है। बदले मौसम में खोदी गयी सड़क से उड़ रही धूल मरीज-चिकित्सक सभी के लिए परेशानी का कारण बन गयी है।
अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन-अमृत योजना के तहत लखनऊ के तमाम तिराहे, चौराहे पर सड़क को खोदकर उसमें पाइप बिछाने का कार्य हो रहा है। इस दौरान बलरामपुर अस्पताल के सामने से सड़क को उखाड़ कर पाइप बिछाने के बाद उसे छोड़ दिया गया। मुख्य द्वार के सामने से गुजरी सड़क के खराब हालत में पड़े रहने से आने जाने वाले लोगों को वाहन निकालने में कठनाई हो रही है। वहीं मरीज, उनके परिजन, चिकित्सकों व उधर से गुजरने वाले अन्य लोगों को धूल का सामना करना पड़ रहा है।
बलरामपुर अस्पताल में कार्यरत डा. एस के सिंह ने कहा कि सड़क को उखाड़ देने से धूल उड़ रही है। लोगों के आंखों के लिए धूल के कण बेहद खतरनाक है। कोविड के कारण सभी लोग आजकल मास्क लगाये हुए हैं, फिर भी उड़ती हुई धूल उसके मुंह में चली ही जा रही है। धूल से सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को हो रही है।
उन्होंने कहा कि विकास कार्य के बाद खोदी गयी सड़क की तुंरत ही मरम्मत होनी चाहिए। अस्पताल के मुख्य द्वार पर सड़क खराब होने से चार पहिया वाहनों को निकालने वाले लोगों को रुकना पड़ रहा है और जिससे जाम की स्थिति बन जा रही है। वह स्वयं भी कई बार जाम में फंस चुके है।
मरीज दिखाने आयी रेशमा ने कहा कि बलरामपुर अस्पताल के समीप ही उनका मकान है और उनकी बहन का उपचार अस्पताल में हो रहा है। बहन को चिकित्सक से दिखाने आती रहती है। सड़क पर उड़ने वाली धूल उनकी आंखों में चली गयी, जिससे वह परेशान हुई। बाद में उन्होंने अपनी आंखों को भी चिकित्सक को दिखाया। सड़क उखाड़ने के बाद वैसे ही छोड़ दी गयी है, हवा चलने पर तेज धूल उड़ रही है।
