-प्रधानमंत्री के इस अभियान से महिलाओं को मिल रहा मनोवैज्ञानिक बल
कानपुर (हि.स.)। आज महिलाएं पुरुषों से एक कदम भी पीछे नहीं है, जहां चांद पर पहुंचकर अपना परचम लहरा चुकी है तो वहीं देश के ओहदेदार पदों पर भी आसीन हैं। यही नहीं किसी भी बड़े या छोटे कार्य को संभालने में भी पीछे नहीं हटती हैं। केंद्र सरकार की महिला सशक्तिकरण से जुड़ी हर योजना से महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्म निर्भरता आ रही है।
आज से कुछ दशक पहले महिलाएं सिर्फ घरेलू कार्यों में ही सिमट कर रह जाती थी। अब राजीनीति, डॉक्टर, शिक्षक, पुलिस विभाग, हेयर ड्रेसर, पायलट व अन्य स्थानों पर भी अपनी अहम भूमिका निभा रही हैं। देशभर में सोमवार को महिला दिवस मनाया जाएगा वहीं कानपुर में भी जगह-जगह महिला सशक्तिकरण से सम्बंधित कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। इस खास दिन को लेकर कानपुर की महिलाओं ने अपने-अपने विचार रखें। रेलवे सुरक्षा बल में तैनात सब इंस्पेक्टर आरती कुमारी का कहना है कि वे देश की सेवा के लिए बीते 22 वर्षों से लगातार कार्य कर रही हैं। अपने कार्यों से सन्तुष्टि जाहिर करते हुए देश की युवा महिला वर्ग को भी आगे बढ़कर कार्य करने के लिए भी प्रेरित कर रही हैं।रेलवे सुरक्षा बल में मुख्य आरक्षी पद पर तैनात अर्चना पटेल का मानना है कि आज देश बड़ी ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है जिसमें महिलाएं भी अपना काफी योगदान दे रही हैं। सरकार भी बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान चलाकर देश की बेटियों को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। ये हम महिलाओं के लिए गौरवान्वित पूर्ण बात है।
यातायात पुलिस विभाग में तैनात मीरा देवी का कहना है कि आज जो देश में बेटियों का स्तर बढ़ रहा है वो उनकी शिक्षा की वजह से ही है। क्योंकि आज से एक दशक पूर्व महिलाएं अशिक्षित होने की वजह से पीछे रह जाती थी। लेकिन उन्होंने शिक्षा के बल पर आज देश ही नहीं विदेशों में भी अपना परचम लहराया है। जो कि हर महिला वर्ग के गर्व की बात है।
प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात चांदनी सिन्हा ने बताया कि वो पिछले तीन वर्षों से एक अध्यापक के रूप में नौनिहालों को शिक्षा की ओर बढ़ा रही है। उनका मानना है कि आज देश का युवा शिक्षित होगा तो देश अपने आप ही तरक्की की ओर बढ़ेगा। इसलिए अब बेटी भी बेटे के बराबर होकर देश व समाज के लिए कार्य कर रही है।
मिडास टच सैलून की संचालिका मोहिनी परिहार ने बताया कि वो बीते चार वर्षों से महिलाओं के सौंदर्यीकरण करने का कार्य कर रही हैं। साथ ही अपने साथ महिलाओं को जोड़कर आत्मनिर्भर बना रही हैं। उनका कहना है कि आज महिलाओं का स्तर देश में सबसे ऊंचा रखा गया है क्योंकि जो कार्य किसी से न हुआ उसको महिलाओं ने आगे बढ़कर किया है। पहले के समय महिलाएं सिर्फ घरेलू कार्य में अपने जीवन को बीता दिया करती थीं लेकिन आज महिलाएं देश की सत्ता की कमान संभालते हुए कई अन्य संस्थानों में भी अहम भूमिका निभा रही है जो कि हर वर्ग की महिलाओं के लिए गर्व महसूस करने की बात है।
