— प्रदेश का पहला महिला प्रशिक्षण केन्द्र है मॉडल ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट
कानपुर (हि.स.)। महिलाओं को स्वालंबन बनाने के लिए सरकार बराबर प्रयासरत है। इसी कड़ी में कानपुर के मॉडल ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में महिलाओं को चालक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे महिलाओं को बस चलाने का प्रशिक्षण मिल सकेगा और आगामी दिनों में परिवहन विभाग में नौकरी भी मिल सकेगी। इसके लिए एक मार्च से आवेदन शुरु हो गये हैं और पांच मार्च तक आवेदन लिए जाएंगे।
कौशल विकास मिशन के तहत महिलाओं को विकास नगर स्थित मॉडल ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण पहली मार्च से शुरु कर दिया गया है। प्रशिक्षण के लिए 19 युवतियों व महिलाओं का चयन किया गया है। उनकी डेमो क्लास भी शुरु हो गई है जो प्रदेश में पहला महिला चालक बनाने का प्रशिक्षण केन्द्र है। प्रशिक्षण के लिए उन महिलाओं के पास अभी भी मौका है जिन्होंने आवेदन नहीं किया है। महिलाएं पांच मार्च तक आवेदन कर प्रशिक्षण में शामिल हो सकती है। प्रशिक्षण लेने के लिए उनको निर्धारित किए गए मानकों पर खरा उतरना पड़ेगा। एक बार चयन हो गया तो प्रशिक्षण के साथ हाॅस्टल में रहना व भोजन भी नि:शुल्क होगा। प्रशिक्षण के लिए 27 महिलाओं का बैच बनना है। इंस्टीट्यूट के प्रधानाचार्य एसपी सिंह ने बताया कि जो महिलाएं बस चालक बनने की इच्छुक हों वे पांच मार्च तक आवेदन कर सकती हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं की भर्ती रोडवेज की पिंक बसों व बसों को चलाने के लिए की जाएगी।सात माह बाद डिपो में होगी तैनाती
प्रधानाचार्य ने बताया कि चालक बनने का प्रशिक्षण 17 महीने का होगा और आवेदनकर्ता महिला व युवतियों को सात महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान रहने और खाने की व्यवस्था नि:शुल्क होगी। सात महीने के बाद डिपो में तैनाती होगी। डिपो में 17 महीने रहना होगा। 24 महीने बाद संविदा बस चालक के रुप में तैनाती होगी। प्रशिक्षण के लिए कक्षा आठ पास होना योग्यता रखी गयी है। आवेदनकर्ता् की लंबाई पांच फीट तीन इंच होना चाहिए, प्रशिक्षण से पहले 100 रुपये के स्टाम्प पर अनुबंध भरना होगा।
