Monday, February 16, 2026
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Kanpur News : पंचायत चुनाव : नये शासनादेश से 60 फीसदी सीटों पर होगा उलट फेर

2015 में आरक्षित हुई सीटों में होगा बदलाव, अनारक्षित की अधिक संभावना

कानपुर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची दो मार्च को जारी हो गयी थी और अंतिम सूची जारी होने से पहले ही कोर्ट ने दखल दे दिया। इससे अब नये सिरे से आरक्षण सूची तैयार करना है और वह भी 27 मार्च के पहले। इसके लिए जो शासनादेश नया आया है उसके मुताबिक यह तय है कि जनपद की करीब 60 फीसदी सीटों पर उलट फेर होगा। 
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर आधार वर्ष में बदलाव के बावजूद दावेदारों को अधिक दिनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 20 मार्च तक सभी पदों की अनंतिम सूची का प्रकाशन हो जाने की संभावना है। उसके बाद आपत्तियां मंगाकर उसका निस्तारण किया जाएगा और 26 मार्च को अंतिम सूची प्रकाशित करने की तैयारी है। शासन ने इसके संबंध में नया शासनादेश भी जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि नई व्यवस्था में दो मार्च को जारी सूची की तुलना में करीब 60 से 70 फीसद तक आरक्षण में बदलाव देखने को मिल सकता है।
पहले 1995 को बनाया गया था आधार
दो मार्च को ग्राम पंचायत प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य एवं ब्लाक प्रमुख पदों के लिए जारी आरक्षण आवंटन की अनंतिम सूची को 1995 को आधार वर्ष बनाकर तैयार किया गया था। पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दाखिल की गई एक जनहित याचिका के कारण पूरी व्यवस्था बदल गई। अब 2009 को आधार वर्ष बनाकर आरक्षण आवंटन किया जाना है।पिछले चुनाव में आरक्षित सीटें हो सकती हैं अनारक्षित
नये शासनादेश के मुताबिक जो आरक्षण तय करने की व्यवस्था बनायी गई है, उसके मुताबिक 2015 के चुनाव में जो गांव अनुसूचित जाति (एससी) या अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित रहे होंगे, इस बार उस वर्ग के लिए उनका आरक्षण नहीं होगा। यही स्थिति ओबीसी एवं ओबीसी महिला के लिए आरक्षित गांवों की भी रहेगी। यानी यदि किसी ब्लाक में 64 गांव हैं और अनुसूचित जाति वर्ग का कोटा 15 गांवों का है तो आरक्षण तय करते समय सबसे पहले उन 15 गांवों को अलग कर लिया जाएगा जो 2015 के चुनाव में एससी या एससी महिला के लिए आरक्षित थे।

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